राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही टीकाकरण का प्रतिशत भी बढ़ता जा रहा है। पिछले 15 दिनों में टीकाकरण प्रतिशत करीब 12 फीसदी बढ़ गया है, जबकि इससे पहले इतने टीकाकरण के लिए करीब ढाई महीने का इंतजार करना पड़ा था।
पहली डोज लेने वालों का आंकड़ा अब 94 फीसदी पहुंच गया है। साथ ही दोनों डोज लेने वालों का आंकड़ा 64 फीसदी के पार पहुंच चुका है, जबकि दिसंबर की शुरुआत में दोनों डोज लेने वालों का प्रतिशत 50 से भी नीचे था।
लखनऊ में अक्तूबर से 15 दिसंबर के बीच कुल लक्ष्य के 13 फीसदी के बराबर टीकाकरण हुआ था। दिसंबर के बीच में ही मरीज बढ़ने लगे।
इसका असर यह हुआ कि टीकाकरण में तेजी आने लगी। 18 से 44 आयु वर्ग वालों ने पहली डोज लेने में उत्साह दिखाया था, पर दूसरे का नंबर आते-आते उत्साह कम हो गया था, लेकिन जैसे ही मामले बढ़े टीकाकरण में इनका जोश फिर से तेज हो गया।
20 दिनों में टीकाकरण कराने वालों में सबसे ज्यादा प्रतिशत इसी वर्ग का है। इन्होंने कुल लक्ष्य से करीब 13 फीसदी टीकाकरण इन्हीं 20 दिन में पूरा किया है।
मालूम हो कि राजधानी में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था। शुरुआत में 60 वर्ष आयु से ऊपर तथा कुछ निर्धारित बीमारियों से जूझते लोगों के लिए ही टीकाकरण शुरू किया गया था। इसके बाद 44 से ऊपर के लोगों के लिए टीकाकरण की शुरुआत हुई। आखिर में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग वालों के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया गया था। अब
बच्चों के टीकाकरण का ग्राफ बढ़ा मगर लक्ष्य से पीछे
राजधानी में बुधवार को 9313 बच्चों को टीका लगाया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने रोज 35 हजार बच्चों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य रखा है। इसे बढ़ाने को लेकर विभाग व प्रशासन ने स्कूलों से संपर्क साधा है। सभी बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द कराए जाने की दावा हो रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है पहले से कुछ ग्राफ बढ़ा है। लोकबंधु अस्पताल में बुधवार को करीब 270 बच्चों को टीक लगाया गया। सिविल अस्पताल में 342 लोगों को टीका लगाया गया, जबकि 100 बच्चों को टीका लगा।
टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। संक्रमण के मामले बढ़ने से कुछ असर पड़ा होगा, लेकिन इससे पहले भी टीकाकरण में लखनऊ का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। जल्द ही शत-प्रतिशत टीकाकरण कर लिया जाएगा।
- डॉ. एमके सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
शहर के एंट्री प्वॉइंट पर कोरोना जांच व्यवस्था ध्वस्त
शहर में सड़क मार्ग से दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की जांच की व्यवस्था के इंतजाम ध्वस्त हैं। आगरा एक्सप्रेस वे पर ही जांच की व्यवस्था है। वह भी दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों के मुकाबले नाकाफी है। ऐसे में बिना रोकटोक यात्री समुदाय में मिलकर कोरोना संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं। शहर में 700 से अधिक सक्रिय मामले हैं। इसमें आधे से अधिक यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री है। विभाग ने शहर के किसी भी एंट्री प्वॉइंट पर जांच के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में यात्री बिना रोकटोक के अंदर आ रहे हैं। आगरा एक्सप्रेस-वे पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की व्यवस्था की है। दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में संक्रमण तेज है और रोज वहां से करीब 200 से अधिक गाड़ियां आगरा एक्सप्रेस वे से गुजर रही हैं। विभाग टोल पर सौ यात्रियों की जांच करवा पा रहा है। सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ाए जाने और अधिक से अधिक यात्रियों की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
निगोहां, इंटौजा टोल पर जांच के इंतजाम नहीं
दूसरे राज्य व जिलों से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है। टोल मैनेजरों का कहना है कि सीएचसी स्तर से अभी जांच की व्यवस्था नहीं की गई है। रोज औसतन 30-40 वाहन दूसरे राज्य के दोनों टोल से गुजर रहे हैं।
व्यापारी एसोसिएशन के कैंप में 450 का टीकाकरण
कोरोना से बचाव के लिए लखनऊ व्यापारी एसोसिएशन ने बुधवार को इंदिरा नगर के मोहम्मदपुर मजरा में निशुल्क वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन किया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिन्हा ने बताया कि 450 लोगों का निशुल्क टीकाकरण किया गया। शिविर में 15 से 18 साल के बच्चें भी काफी संख्या में पहुंचे। इस मौके पर संगठन के बबलू यादव, महासचिव डॉ. एके वर्मा, विकास मिश्रा, कार्यालय मंत्री जेपी श्रीवास्तव, प्रदेश संगठन मंत्री अशोक यादव मौजूद रहे।
सभी अपार्टमेंटों को सीएचसी से जोड़ कोविड कार्ययोजना लागू करेगा एलडीए
शहर के सभी अपार्टमेंटों को एलडीए सीएचसीवार जोड़कर कार्ययोजना तैयार करेगा। वीसी अक्षय त्रिपाठी ने बुधवार को बैठक कर अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूची भी एलडीए ने मांगी है। सभी सात जोन के नोडल अधिकारी अपने क्षेत्र के सीएचसी अधीक्षक के संपर्क में भी रहेंगे। आरडब्ल्यूए के साथ वेबिनार भी एलडीए करेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसकी जिम्मेदारी उपसचिव माधवेश कुमार को दी गई है।
मेट्रो ने भी बढ़ाई स्टेशनों पर सतर्कता
लखनऊ मेट्रो ने भी कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही अपने स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग के अलावा सैनिटाइजेशन को भी बढ़ाया गया है। नियमित अंतराल पर एस्कलेटर्स, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट, ट्रेन के हैंडल को सैनिटाइज कराया जा रहा है। ट्रेनों को रोजाना पराबैंगनी किरणों से विसंक्रमित करने का काम हो रहा है। एमडी कुमार केशव का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है जिससे उनको सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।