लखनऊ में विरोध के स्वर थामने की रणनीति फेल रही। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आश्वासन के बाद भी सपाइयों ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उत्तर और पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से आए दावेदार और उनके समथकों ने खुले तौर पर चुनौती दी। हालांकि अन्य क्षेत्र के ज्यादातर उम्मीदवार गेट के बाहर ही नारेबाजी करते रहे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार शाम राजधानी के सभी दावेदारों को बुलाकर राय शुमारी का प्रयास किया था। उन्होंने हाल में बैठे उम्मीदवारों से कहा कि किसे मैदान में उतारा जाए। इस पर सभी उम्मीदवारों ने आवेदन करने वाले और समीकरण के हिसाब से फिट बैठने वाले को मैदान में उतारने की सिफारिश की, लेकिन मंगलवार दोपहर करीब एक बजे छह विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। सूची देखते ही अलग- अलग विधानसभा क्षेत्र के दावेदार कार्यालय पहुंचने लगे। उत्तर विधानसभा क्षेत्र से आए दावेदारों ने पोर्टिको में नारेबाजी की।
उनका कहना था कि लंबे समय से पार्टी का झंडा बैनर उठा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी अनदेखी की गई है। क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने वालों को किनारे कर दिया गया है। इसी तरह पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से आए दावेदारों ने भी जमकर हंगामा किया। दावेदारों ने कहा कि वे अपनी बात हर हाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहेंगी। उत्तर के दावेदारों का कहना था कि 50 हजार से अधिक वोट से पराजित होने वाले को दोबारा मैदान में उतारा गया है। इसी तरह पश्चिमी और कैंट से विरोध में भी तमाम दावेदार पार्टी कार्यालय पहुंचे। रायबरेली के सलोन उम्मीदवार के विरोध में कई लोग हाथ में तख्ली लेकर पहुंचे थे।