सूबे की सरकार अब सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के सहयोग से स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने जा रही है। प्राविधिक शिक्षा मंत्रीफरीद महफूज किदवई के नेतृत्व में एक दल सिंगापुर जाकर 20 से 22 जून तक इस संबंध में योजना तैयार करेगा।
दल में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंहल, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, राजधानी के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनीष गौड़, केजीएमयू में जनरल सर्जन प्रो. विनोद जैन और एनेस्थेसिस्ट डॉ. रजनी गुप्ता शामिल हैं।
रोबोटिक्स सर्जरी के साथ सॉफ्टवेयर डवलपर भी होंगे तैयार
दल में शामिल प्रो. मनीष ने कहा कि आज सिर्फ डिग्री नहीं, हुनर भी जरूरी है। इसके चलते ही प्रदेश सरकार स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रही है, जिसके तहत स्किल डवलपमेंट के कोर्स जैसे सॉफ्टवेयर डवलपमेंट, मेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन, रिटेल बिजनेस आदि चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विदेशों में रोबोटिक सर्जरी काफी चर्चित है, लेकिन भारत के लिए यह थोड़ी नई चीज है। ऐसे में यदि यहां भी इस तकनीक को बढ़ावा देना है तो इससे जुड़ी मशीनों को चलाने के लिए विशेषज्ञ चाहिए। इससे बेरोजगारों को काम भी मिलेगा। एकेटीयू के कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना में उनके संस्थान का भी पूरा योगदान रहेगा।
सिंगापुर के आईटीई के साथ एमओयू की तैयारी
सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (आईटीई) के तीन संस्थान हैं। ये सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं देते, बल्कि स्किल भी विकसित करते हैं। यहां से निकलने वाले किसी व्यक्ति के पास कभी रोजगार की कमी नहीं रहती।
दौरे पर जाने वाला दल ट्रंास गंगा सिटी (उन्नाव) में बनने वाली स्किल यूनिवर्सिटी के लिए सिंगापुर के संस्थान के साथ एमओयू साइन करने का प्रयास करेगा।