लखनऊ। पीजीआई की इमरजेंसी में मरीजों को प्राथमिक इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टर ''नो बेड'' लिखकर उन्हें लौटा रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं डिप्टी सीएम के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधर पाई हैं। बीते दिनों दीक्षांत समारोह के दौरान डिप्टी सीएम ने बिना प्राथमिक इलाज मरीज को रेफर न करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बावजूद पीजीआई प्रशासन की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।
देवरिया निवासी 27 वर्षीय रवि कुमार प्रजापति इसका ताजा उदाहरण हैं। रवि किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका इलाज पहले से ही पीजीआई में चल रहा था। 16 जुलाई को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उनकी हालत बिगड़ने लगी। पिता अवधेश उन्हें लेकर पीजीआई की इमरजेंसी में पहुंचे।
पीजीआई के डॉक्टरों ने रवि को प्राथमिक इलाज तक मुहैया नहीं कराया। उन्होंने मरीज के परचे पर ''नो बेड'' लिखकर लोहिया या केजीएमयू रेफर कर दिया। परिजन मरीज को लेकर केजीएमयू गए, लेकिन वहां भी बेड खाली न होने की बात कहकर बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। रवि कुमार प्रजापति अब बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं।
Iइमरजेंसी में प्राथमिक इलाज के बाद मरीजों को रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है। बिना इलाज मरीज को रेफर किया जाता है तो संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब होगा।I
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- डॉ. आरके धीमन, निदेशक, पीजीआईI