दहेज हत्या के एक मामले में कोर्ट ने दोषी मां-बेटे को 12 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषियों पर 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
सकरन निवासी अतुल शुक्ला का विवाह 16 फरवरी 2017 को शालिनी से हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद उसे दहेज के लिए आए दिन प्रताड़ित किया जाने लगा। 14 नवंबर 2018 को अतुल व उसकी मां माधुरी ने शालिनी पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया था। अगले ही दिन उसकी मौत हो गई थी।
इसके बाद अतुल व उसकी मां माधुरी पर शालिनी के परिजनों ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर शैलेंद्र कुमार वर्मा कर रहे थे। उन्होंने साक्ष्यों के आधार पर मां-बेटे को दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों को 12 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही, 20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।