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सीतापुर : जेई के विरुद्ध एफआईआर न कराने पर बीडीओ निलंबित 

Wed, 15 Sep 2021 10:45 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर

सार

आरोप है कि बीते साल ब्लॉक में कार्यरत एक निलंबित जेई के विरुद्ध शासन व सीडीओ के आदेश के बाद भी एफआईआर नहीं कराई गई। साथ ही शासन द्वारा डीएम को भेजे गए गोपनीय पत्रों की प्रतियां जेई का उपलब्ध करा दी।
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विस्तार
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सीतापुर ब्लॉक परसेंडी में तैनात रहे बीडीओ राजकुमार को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वर्तमान में वह जनपद बलिया में तैनात हैं। आरोप है इनके द्वारा बीते साल ब्लॉक में कार्यरत एक निलंबित जेई के विरुद्ध शासन व सीडीओ के आदेश के बाद भी एफआईआर नहीं कराई गई। साथ ही शासन द्वारा डीएम को भेजे गए गोपनीय पत्रों की प्रतियां जेई का उपलब्ध करा दी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह ने आदेश जारी किया है।

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विकास खंड परसेंडी में तैनाती के दौरान बीडीओ राजकुमार को सीडीओ ने 31 दिसंबर 2020 शासन के पत्र के क्रम जेई आरईएस पुष्पेन्द्र वर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर उसकी सूचना भेजने के निर्देश दिए थे। इसका पालन नहीं किया गया। बल्कि शासन द्वारा डीएम को भेजे गए गोपनीय पत्रों की प्रतियां जेई को उपलब्ध कराई गईं। 

जेई ने हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका में उन गोपनीय पत्रों का संदर्भ दिया गया। इस रिट याचिका के क्रम में सीडीओ ने बीडीओ राजकुमार को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुए इंस्ट्रक्शन दाखिल कराए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनके द्वारा रिट याचिका में समयबद्ध रूप से हाई कोर्ट में इंस्ट्रक्शन दाखिल नहीं किया गया। इस प्रकार बीडीओ  द्वारा शासकीय धन के दुरुपयोग के दोषी कर्मचारी से मिलकर शासन के गोपनीय दस्तावेजों को देने का कदाचार एवं अपने पदीय दायित्वों  के निर्वहन में घोर लापरवाही व उदासीनता बरती गई। शासन एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई। 
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अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में यह उल्लेख करते हुए बीडीओ राजकुमार का तत्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान वह आयुक्त ग्राम्य विकास के दफ्तर से सम्बद्ध रहेंगे। इनके प्रकरण में संयुक्त विकास आयुक्त लखनऊ मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हे दो माह में शासन को जांच रिपोर्ट देनी है।

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