एक्सिसडिजीनेट की तरह ही एक अन्य परीक्षा कंप्यूटर एजेंसी डाटा ट्रैक्स कम्प्यूटर सिस्टम भी मामले में आरोपी बनाई गई है। इस कंपनी को संस्थागत सेवा मंडल के एक अन्य अध्यक्ष ओमकार यादव ने नियम विरुद्ध काम दिया था। एसआईटी के अनुसार मंडल के अध्यक्ष ओमकार यादव व सचिव भूपेंद्र कुमार ने कंप्यूटर एजेंसी संचालिका नीलम पांडेय के साथ मिलकर मनमाफिक अभ्यर्थियों के चयन को आसान बनाया। इस एजेंसी के तार भी अध्यक्ष व सचिव से जोड़े जा रहे हैं।
राम जतन की संपत्तियों की होगी जांच
भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी राम जतन यादव की संपत्ति की जांच के लिए एसआईटी ने सरकार से अनुरोध किया है। जांच के दौरान उनके पास कई बेनामी व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने खुलासा हुआ है।
उप्र. सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने सहकारिता विभाग में भर्ती घोटाले के आरोपियों के खिलाफ माफिया की तरह कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के महासचिव मो. आसिफ जमाल ने शनिवार को कहा कि एसआईटी जांच से स्पष्ट हो गया है कि विभाग मे भ्रष्ट नौकरशाहों का संगठित गैंग है।
इन्होंने लूट में बाधक बन रहे सहकारी कानूनों को रातों-रात बदलवाया। इसलिए उप्र कोऑपरेटिव बैंक के एमडी भूपेंद्र कुमार को तत्काल निलंबित करके सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती किए गए कर्मचारियों की बर्खास्तगी न्यायोचित नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा।