शिवपाल सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया।
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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव पुलिस चौकसी को धता बताने में सफल रहे। उनके दरवाजे पर खड़ी पुलिस ताकती रह गई और वह लखीमपुर के लिए निकल पड़े हालांकि इंजीनियरिंग कॉलेज के पास उन्हें हिरासत में ले लिया गया। प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि अन्नदाताओं को आवाज उठाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी जाने की घोषणा के उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। भारी पुलिस बल और बैरीकेडिंग की गई। इस बीच वह पुलिस को चकमा देकर शहीद पथ, हाईकोर्ट होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे तक पहुंच गए। उनके निकलने की जानकारी मिलते ही पुलसि सक्रिय हुई चौराहे पर हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। यहां से उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इसमें गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने और उनके बेटे को तत्काल गिरफ्तार करने, दोषी पुलिसकर्मियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, घटना की न्यायिक जांच कराने, मृतकों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इस दौरान प्रसपा नेताओँ ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष सुंदर लाल लोधी, रामबाबू रस्तोगी, अजय त्रिपाठी मुन्ना, कमर रजा, राम सिंह यादव, अरविंद यादव, डीपी यादव, दीपक मिश्रा, शम्मी बोहरा, रुपेश पाठक आदि शामिल थे। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि सलमान खुर्शीद और प्रमोद तिवारी को भी नजरबंद किया गया है।