प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) की बैठक में बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने सपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जनभावना के सम्मान में सपा से गठबंधन किया, सपा के लिए हर स्तर पर कुर्बानी दी, लेकिन वहां से विश्वासघात मिला। अब स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ा जाएगा। आगे लोकसभा चुनाव है। उसमें भी भागीदारी करेंगे। जो हक और सम्मान देगा, उसके साथ गठबंधन भी कर सकते हैं।
लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए जिलाध्यक्षों एवं मंडल अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए शिवपाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा में जनसमर्थन मिला। समाज के हर वर्ग के लोगों से सपा की सरकार बनवाने की अपील की। यह वक्त जीवन का सबसे कठिन दौर था। राजनीतिक धैर्य, त्याग, आत्मसंयम और समाज की उम्मीदों की परीक्षा थी। जनभावना को देखते हुए सपा के साथ गया, लेकिन टिकट वितरण में हमारी अनदेखी की गई, जिसका नतीजा है कि सपा विपक्ष में बैठी है।
सपा को सत्ता में लाने के लिए हमने हर स्तर पर कुर्बानी दी। पार्टी खोई, अपने साथियों को खोया, लेकिन बदले में सिर्फ और सिर्फ विश्वासघात मिला। भविष्य की रणनीति का खुलासा करते हुए शिवपाल ने कहा कि स्थानीय निकाय का चुनाव सामने है। प्रगतिशील विचार में आस्था रखने वाले सभी लोग अभी से जुट जाएं।
प्रसपा अपने पूर्व के अनुभवों से सबक लेते हुए चुनाव लड़ेगी। लोकसभा चुनाव में जो हिस्सेदारी देगा, उसके साथ गठबंधन होगा। उन्होंने सपा से गठबंधन होने की उम्मीद को एक सिरे से नकार दिया। प्रदेश के सियासी हालात पर कहा कि राम के नाम पर विभाजन व नफरत की राजनीति की इजाजत किसी को नहीं है। अध्यक्षता निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुंदललाल लोधी ने की एवं संचालन महासचिव अभिषेक सिंह आशू ने किया।