उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बुधवार को एक बार फिर से निरीक्षण की मुद्रा में नजर आये। उन्होंने सीएमओ कार्यालय के साथ ही डीजीएमई कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। सीएमओ कार्यालय में जहां उनको गंदगी का अंबार मिला तो डीजीएमई कार्यालय में इंटर्नशिप से लेकर मेडिकल कॉलेजों की फाइलें लंबित मिलीं। इस पर ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को फटकार लगाई तथा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम शाम सवा पांच बजे सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उनको पहुंचते ही कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़बड़ी मच गई। उन्होंने अल्ट्रासाउंड के पीसीपीएनडीटी कक्ष का निरीक्षण कर फाइल की जानकारी ली और कर्मियों का हाजिरी रजिस्टर भी जांचा। रजिस्टर जांचने पर कई कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। उनको बताया कि उनको दूसरी जगह अटैच किया गया है। कार्यालय में भयंकर गंदगी देखकर उप-मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों के बैठने के स्थान पर दीवारों पर पान और मसाले के निशान थे। इस पर सीएमओ को गंदगी साफ करवाने के लिए निर्देश दिया।
इसी तरह डीजीएमई कार्यालय के निरीक्षण में भी उप-मुख्यमंत्री को तमाम अव्यवस्था मिलीं। फाइलों का निरीक्षण करने पर पता चला कि इंटरर्नशिप की फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों से संबंधित फाइलें भी काफी मात्रा में दिखीं। इस पर मंत्री ने सभी फाइलों का निस्तारण अधिकतम 20 दिन में करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि स्टूडेंट या फिर मेडिकल कॉलेजों की कोई भी फाइल लंबित नहीं रहनी चाहिए। ऐसा करने वाले अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने फाइलों के रख-रखाव के तरीके पर भी नाराजगी जताई। अधिकारियों को उन्होंने सभी व्यवस्था एक सप्ताह में दुरुस्त करने के लिए कहा है तथा साथ ही जल्द ही दोबारा निरीक्षण करने की चेतावनी भी दी है।