लखनऊ। सरकारी व निजी संस्थानों की ओर से संचालित रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहे हैं। लखनऊ की रिया गुप्ता ने इनवेस्टमेंट सेक्टर की नौकरी छोड़कर अपना उद्यम शुरू किया और हैंडमेड साबुन के जरिये देश-विदेश तक पहचान बनाई। पढ़ाई के दौरान सोप मेकिंग का प्रशिक्षण लेने वाली रिया ने बाद में बंगलूरू में कॉर्पोरेट सेक्टर की नौकरी छोड़ी और फल, फूल व सब्जियों के रस से प्राकृतिक साबुन बनाने का काम शुरू किया। उनके उत्पादों के ग्राहक अब दुबई तक हैं।
निरालानगर निवासी रिया गुलाब, हल्दी, खीरा, पपीता, ओट्स एंड मिल्क, ग्रीन टी व कॉफी फ्लेवर के साबुन के साथ कॉफी स्क्रब और मसूर दाल उबटन भी तैयार करती हैं। चार वर्ष पहले नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपने हुनर को व्यवसाय में बदला। रिया के अनुसार, उद्योग विभाग के ट्रेड फेयर और ऑनलाइन मार्केटिंग से उन्हें बड़ा मंच मिला।
रिया बताती हैं कि त्वचा की देखभाल के उत्पाद शुद्ध, सुरक्षित और प्रभावी होने चाहिए। बाजार में उपलब्ध केमिकल आधारित उत्पादों से अलग उन्होंने प्राकृतिक कच्चे माल से कोल्ड प्रोसेस साबुन, उबटन और स्क्रब तैयार करने की शुरुआत की। संवेदनशील त्वचा, बच्चों और नवजात शिशुओं के लिए अलग-अलग रेंज में उत्पाद विकसित किए गए हैं। लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर अब दिल्ली, बंगलूरू और दुबई तक पहुंच चुका है।
उद्योग विभाग की योजनाओं में प्रशिक्षण भी, सहायता भी
उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया ने बताया कि वर्तमान में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूल किट योजना के तहत 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक का आसान शर्तों पर बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।