दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
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करीब छह दिन पहले डीह इलाके में एक किसान पर फायरिंग किए जाने के मामले में पुलिस ने रविवार को उसके दो बेटों को ही गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि जायदाद पाने के लालच में दो बेटों ने अपने पिता की हत्या कराने की साजिश दिल्ली में रची थी और प्रतापगढ़ के एक युवक को सुपारी दी थी। घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सीओ सलोन यादुवेंद्र पाल के मुताबिक डीह इलाके के पछुआरा गांव निवासी किसान रतीपाल (58) छह मई को पत्नी रामवती के साथ खेत घर जा रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात लोगों ने रतीपाल को गोली मार दी थी। गोली रतीपाल के जांघ में लगी थी। जिला अस्पताल में किसान का इलाज कराया गया था।
मामले में दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का केस दर्ज किया था। सीओ के मुताबिक विवेचना के दौरान पाया गया कि किसान के दो बेटों अशोक कुमार, अभयचंद्र उर्फ सुल्तान ने ही घटना की साजिश रची थी। रविवार सुबह दोनों आरोपी बेटे दिल्ली भागने की फिराक में थे, तभी एसओजी टीम व डीह पुलिस ने बिरनावां परश्देपुर रोड के पास से दबोचा गया।
सीओ के मुताबिक रतीपाल ने किसी कारणवश अपने तीन बेटों अशोक, अभय, धरमचंद्र को घर से निकाल दिया था। साथ ही जायदाद से बेदखल कर दिया था। बेदखली का मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। वहीं रतीपाल अपने तीन अन्य बेटों सुनील, बसंतलाल, करमचंद्र अपने साथ रखे हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पिता मुकदमा ना जीत पाएं, इसीलिए उन्हें रास्ते से हटाना चाहते थे।
अप्रैल माह में दिल्ली में विजय कुमार उर्फ खूंटी निवासी पूरे वसंदर मजरे मंगदपुर थाना ऊदयपुर जनपद प्रतापगढ़ से मुलाकात हुई थी। विजय से पिता व बड़े भाई बसंतलाल को रास्ते से हटाने के लिए 50 हजार रुपये में मारने की सुपारी दी थी। पांच हजार रुपये एडवांस भी दिया था। छह मई को विजय ने फोन करके बताया था कि तुम्हारा काम हो गया है। सीओ ने बताया कि घटना में विजय और उनके अन्य साथियों के शामिल होने की बात सामने आई है। जल्द फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।