राजधानी लखनऊ में गोसाईंगंज इलाके के मलौली इलाके में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार परचून दुकानदार शुभम शुक्ला (22) की मौत हो गई। वहीं बीकेटी इलाके में वैन की टक्कर से अंकित सिंह (27) की मौत हो गई। इसके अलावा मड़ियांव इलाके में बाइक से घर लौटते वक्त श्यामू गुप्ता (47) की मौत हो गई। वहीं रहीमाबाद इलाके में पैदल घर जा रहे धर्मेंद्र (30) की अज्ञात वाहन की चपेट में आकर मौत हो गई।
शुभम के चाचा मातन टोला गुमटी नंबर-5 निवासी बबलू ने बताया कि शुभम शुक्ला घर के बाहर परचून की दुकान करते थे। शनिवार रात 9 बजे वह दुकान बंद करके सामान खरीदने के लिए बाइक से जा रहे थे। रास्ते में मलौली पुलिया के पास किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने परिजनों को सूचना दी। उनको घरवाले सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। चाचा बबलू ने बताया कि शुभम के परिवार में पिता मनोज, मां सरला व भाई अभिनव है। हादसे के वक्त शुभम ने हेलमेट पहन रखी थी।
वहीं बख्शी का तालाब में इंदौरा बाग के रहने वाले अंकित सिंह (27) शनिवार किसी काम से मोटरसाइकल से गए थे। शाम को घर वापस लौटते समय महपतपुर के पास सामने से आ रही इको वैन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी चालक वैन को छोड़कर मौके से भाग निकला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनको ट्रामा सेंटर पहुंचा। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चाचा सुरेश ने बताया उनका भतीजा अंकित एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में वर्क फ्रॉम होम कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। परिवार में पिता सुरेंद्र मान पुष्पा देवी है चार भाइयों में छोटा था। घरवालों का कहना है कि अंकित हेलमेट लगाए थे।
इसके अलावा दुबग्गा जेहटा के रहने वाले श्यामू गुप्ता (47) कुछ समय से परिवार के साथ मड़ियांव के केशव नगर में रहकर प्राइवेट काम करते थे। पत्नी राम जानकी ने बताया पति शनिवार को दुबग्गा जेहटा गांव गए हुए थे। वहां से रात में मोटरसाइकिल से घर वापस लौटते समय मड़ियांव इलाके में सड़क हादसे में वह घायल हो गए।
पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। उनके मोबाइल की मदद से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। श्यामू के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां एक बेटा है। हादसे के वक्त श्यामू ने हेलमेट नहीं पहनी थी।
वहीं रहीमाबाद के तरौना गांव निवासी धर्मेंद्र (30) शुक्रवार रात मजदूरी कर पैदल घर जा रहे थे। गांव के पास ही किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर वह घायल हो गए। घरवालों ने उनको बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।