पूरी तरह बंद हो चुकी दिल की धमनी को बिना ओपन हार्ट सर्जरी खोलने में एसजीपीजीआई लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग ने सफलता हासिल की है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम ने एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री तकनीक और स्टिंगरे डिवाइस का उपयोग किया। एसजीपीजीआई का दावा है कि देश में इस तरह का यह पहला सफल प्रयास है।
विभागाध्यक्ष प्रो. गोयल के मुताबिक सख्त कैल्सिफाइड तत्वों के जमा होने की वजह से मरीज की धमनी 100 फीसदी बंद हो चुकी थी। धमनी को खोलने के लिए एंटग्रेड डिसेक्शन एंड री-एंट्री और स्टिंगरे डिवाइस का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।
एंजियोप्लास्टी की तरह ही इसमें भी कैथेटर और फ्लैट स्टिंगरे (एक प्रकार की शार्क मछली) आकार का गुब्बारा ब्लॉक हो चुकी धमनी में पहुंचाया गया। इसके लिए कांख में सुई बराबर छेद बनाया गया।
कैल्सिफिकेशन हटाने के लिए धमनी की दीवार से स्टिंगरे मछली के डंक जैसे नुकीले सख्त वायर को आगे बढ़ाया गया। इसे आगे बढ़ने में स्टिंगरे गुब्बारे ने मदद की। इसे प्रभावित धमनी तक पहुंचाया। इसे धमनी को 100 प्रतिशत बंद कर चुके तत्वों को तोड़कर रक्त के प्रवाह को फिर से शुरू कर दिया।