महज आठ एमएम का चीरा लगता है। सटीकता की बात करें तो इसके आर्म एक मिमी के भी गैप में सटीकता के साथ काम कर सकता है, जबकि एक डॉक्टर की सीमा 10 मिमी. तक ही होती है।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में भी 10 से 12 एमएम का चीरा लगाया जाता है। निदेशक प्रो. राकेश कपूर बताते हैं कि इससे जटिल सर्जरी आसान हो जाएगी। खून कम निकलेगा और संक्रमण का खतरा न के बराबर रहेगा। इससे कम समय में मरीज अस्पताल से छुट्टी पा जाता है।
बेहतर तकनीक
दूरबीन विधि से सर्जरी में उपकरण का मूवमेंट 180 डिग्री और टू डायमेंशन में हो सकता था। इसमें 360 डिग्री मूवमेंट और थ्री डायमेंशन का विकल्प। यह ज्यादा प्रभावी होता है।
समय की बचत
आम सर्जरी में लगने वाले समय की तुलना में रोबोटिक सर्जरी में 30 से 40 मिनट कम लगेगा।
जानिए किस विधा की सर्जरी में कितना खर्च
ओपेन सर्जरी : 40 से 50 हजार रुपये
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी : 80 से 90 हजार रुपये
रोबोटिक सर्जरी : करीब 1 से डेढ़ लाख