एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदीप का दोस्त इमरान शनिवार को बुर्का पहनकर दुकान गया था। पहले उसने प्रदीप की मदद से बैग में गहने भरे और फिर उसके हाथों में टेप लपेटकर भाग गया था। सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय लोगों से पूछताछ कर पुलिस टीम को वह स्थान पता चला, जहां से वो कार में बैठकर भागा था। फुटेज में कार का नंबर भी ट्रेस हो गया। ये कार संदीप गुप्ता की थी। उसने ही वारदात के बाद इमरान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया था।
पुलिस का आभार, बढ़ा विश्वास
गोल्ड हाउस ज्वैलरी शॉप के मालिक आर्यन सोनी व उनकी बहन शिल्पी ने वारदात के त्वरित खुलासे और पूरा माल बरामद करने पर पुलिस का आभार जताया है। आर्यन व शिल्पी का कहना है कि खुलासे से न सिर्फ राहत की सांस ली बल्कि पुलिस पर विश्वास भी बढ़ा है। हालांकि 10 साल की उम्र से अपने यहां नौकरी कर रहे भरोसेमंद नौकर प्रदीप की करतूत से पूरा परिवार आहत है।