मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सिर्फ सेंसेक्स और जीडीपी के आंकड़े विकास नहीं हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मानवीय मूल्य, संस्कृति, संवेदना और परंपराएं जरूरी हैं। इनके बिना वास्तविक खुशहाली और तरक्की नहीं आएगी।
अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर कर्नाटक के श्री आदिचुनचनागिरि शिक्षण ट्रस्ट द्वारा ग्रेटर नोएडा में बनने वाले बीजीएस वर्ल्ड स्कूल और विज्ञातम् कैंपस के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में शिक्षा के प्रसार के लिए पहल करने वाली प्रत्येक संस्था को राज्य सरकार हर संभव मदद करने को तैयार है।
उन्होंने कहा, वास्तव में शिक्षा वही है, जिससे व्यक्ति के कौशल विकास के साथ-साथ आंतरिक विकास भी हो। ऐसी शिक्षा से ही समाज को योग्य, सहिष्णु, विनम्र, कर्मठ एवं सामाजिक सद्भाव पैदा करने वाले नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में बड़ी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में ऐसे ज्ञान की जरूरत है जिसमें भावना भी हो और व्यावहारिक सीख भी।
मुख्यमंत्री ने श्री आदिचुनचनागिरि शिक्षण ट्रस्ट के प्रमुख निर्मलानंदनाथ महास्वामी की सराहना करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षित होते हुए भी वह मठ के माध्यम से कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा की अच्छी व्यवस्था करने का काम कर रहे हैं।
1500 साल पुराना मठ, 565 शिक्षण संस्थाएं
उन्होंने ट्रस्ट से उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार के संस्थान स्थापित करने का आग्रह किया। इस मौके पर राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी मंत्री मनोज कुमार पांडेय और खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री इकबाल महबूब, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, किरन हेगड़े, श्रीनिवासन, विपिन बालियान, ओमबीर तोमर, पूर्व एमएलसी राजेश तोमर आदि उपस्थिति थे।
श्री आदिचुनचनागिरी महासंस्थान देश के पुरातन मठों में से एक है। लगभग डेढ़ हजार सालों की गुरु परंपरा वाले इस मठ ने वर्ष 1973 में श्री आदिचुनचनागिरी शिक्षण ट्रस्ट की स्थापना कर गरीब छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का प्रयास शुरू किया।
महासंस्थान के प्रमुख जगदगुरु निर्मलानंदनाथ महास्वामी ने बताया कि इस समय ट्रस्ट के 565 शिक्षण संस्थानों में 1.25 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। उन्हें उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और आधात्मिक वावातरण उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश में वाराणसी, चित्रकूट तथा नैमिषारण्य में पहले से मठ की शाखाएं हैं।
15 एकड़ में बनेंगी शिक्षण संस्थाएं
लगभग 15 एकड़ में स्थापित हो रहे कैम्पस के प्रथम चरण में बीजीएस वर्ल्ड स्कूल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दस वर्ष में पूरी होने वाली इस परियोजना के द्वितीय एवं तृतीय चरण में इंजीनियरिंग, प्रबन्धन कॉलेज के साथ ही डेन्टल अथवा नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।
अखिलेश प्रसन्न और रिलैक्स सीएम
स्वामी परमात्मानन्द सरस्वती ने कहा कि वह कई मुख्यमंत्रियों से मिले हैं। पर अखिलेश यादव उनसे अलग हैं। वह प्रसन्न और रिलैक्स सीएम हैं।
उन्होंने कहा कि विकास सर्वग्राही होना चाहिए। इसके लिए शिक्षा की जरूरत होती है। केवल आर्थिक समृद्धि विकास नहीं है। व्यक्ति को संस्कार, जीवन मूल्यों, आदर्शों के साथ ही भावनाओं पर नियंत्रण की शिक्षा भी दी जानी चाहिए।