पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के माल एवेन्यू स्थित बंगले में अन्य बंगलों को तोड़कर मिलाने पर जवाब दाखिल करने के लिए सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से और समय देने की गुजारिश की। अदालत ने इसके लिए सरकार को 9 दिसंबर तक की मोहलत दे दी। अदालत ने इसी तरह अन्य राजनीतिक दलों को भी बंगले दिए जाने के संबंध में सरकार से जवाब-तलब किया है।
न्यायमूर्ति सत्येन्द्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आदित्य नाथ मित्तल की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश स्थानीय वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। इसमें याची ने सवाल किया है कि माल एवेन्यू में मायावती को किस प्रक्रिया के तहत बंगला आवंटित किया गया। याची ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की भी गुजारिश की है।
इससे पहले कोर्ट ने राज्य संपत्ति अफसर को तलब कर पूछा था कि मायावती को ट्रांसफर किए गए बंगले की तरह शहर में और कितने बंगले एक में मिलाए गए हैं। इस सिलसिले में राज्य संपत्ति अधिकारी बृजराज सिंह यादव कोर्ट में पेश हुए और उनकी ओर से सरकारी वकील ने पूरक हलफनामा दाखिल किया।
साथ ही राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता ने शहर में अन्य पार्टियों के लिए बंगले एक में मिलाने के ब्योरे समेत जवाबी हलफनामा दाखिल करने को समय दिए जाने की गुजारिश की। इस पर कोर्ट ने मामले को 9 दिसंबर को सूचीबद्ध करने के निर्देश देकर राज्य संपत्ति अधिकारी पुन: पेश होने से छूट दे दी।