आठ साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा आसिफ अली जासूसी का हर हथकंडा सीख चुका था। पाकिस्तान में जाकर उसने कई बार ट्रेनिंग भी ली।
उसी ट्रेनिंग में उसे बताया गया कि मोबाइल फोन पर मैसेजिंग और इंटरनेट से चैटिंग में किस तरह सावधानी बरतनी है। उसके लिए आसिफ को जो कोडवर्ड सिखाए गए, वह चौंकाने वाले हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को एसटीएफ ने कोतवाली क्षेत्र के सुभाष बाजार से आईएसआई एजेंट आसिफ अली निवासी पूर्वा फैय्याज अली को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में हुए हैरान करने वाले खुलासे
उससे हुई पूछताछ व छानबीन के दौरान मालूम चला कि पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑफिसर जाहिद से आसिफ की बातचीत ‘फूफी’ और ‘फल’ के कोडवर्ड से होती थी।
जाहिद मैसेज भेजकर कहता था कि फूफी बीमार है, फल पहुंचवा दो भाई। एसटीएफ के अफसरों की मानें, तो फूफी उस शख्स को कहा जाता था, जो सेना से जुड़ी जानकारियां आईएसआई तक भेजने का काम करता था।
वहीं, फल का नाम रुपयों के लिए इस्तेमाल किया गया। जब आसिफ टारगेट पूरा कर लेता था, तो मैसेज भेजकर उसका जवाब फूफी और फल के कोडवर्ड से ही देता था।
अमरोहा से डाले थे अकाउंड में पैसे
यह भी पता चला कि जेसीओ मदन मोहन पॉल व पाटन कुमार पोद्दार के अकाउंट में रुपये मेरठ से नहीं डाले गए।
इस काम के लिए आसिफ अमरोहा गया। वहां की बैंक शाखा से रुपये इनके खातों में ट्रांसफर किए।
रुपये जमा करने वाली स्लिप पर आसिफ अपने नाम की जगह फरीद लिखता था।
जेल भेजा गया आईएसआई एजेंट आसिफ
आईएसआई एजेंट आसिफ अली ने कोतवाली थाने में पुलिस को दिए बयान में अपना जुर्म कबूला है। दोपहर बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया।
यहां उसे मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बयान में आसिफ ने आईएसआई अधिकारी जाहिद से संपर्क जुड़ने से लेकर सूचना भेजने और सेना के अफसरों को रुपये पहुंचाने तक की पूरी कहानी सुनाई।
उसने कबूला कि पाकिस्तान जाने के दौरान उसकी मुलाकात आईएसआई अधिकारी से हुई।
एजेंट से ज्वाइंट इंटेरोगेशन चाहती है सेना
सेना के खुफिया दस्तावेज समेत महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ पकड़े गए आईएसआई एजेंट से सेना ज्वाइंट इंटेरोगेशन (संयुक्त पूछताछ) चाहती है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार रविवार को इस संबंध में मध्य कमान लखनऊ के उच्च सैन्य अधिकारियों ने प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बातचीत भी की।
शनिवार को सेना के सहयोग से एसटीएफ ने सुभाष बाजार भाटवाड़ा चौक से आईएसआई एजेंट आसिफ अली को पकड़ा था।
आसिफ सेना की खुफिया और महत्वपूर्ण जानकारी पाक एजेंसी को देता था। उसके पास से सेना की डिवीजन यूनिट का नक्शा, सैन्य दस्तावेज समेत सेना से जुड़ी कई अहम चीजें मिलीं थी।
लखनऊ को भेजी पूरी रिपोर्ट
रविवार को सेना खुफिया एजेंसी ने मध्य कमान लखनऊ को पूरे प्रकरण से संबंधित रिपोर्ट भेजी है।
जानकारी के अनुसार मध्य कमान लखनऊ के उच्च सैन्य अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से आसिफ से पूछताछ के लिए ज्वाइंट इंटेरोगेशन कमेटी (जेआईसी) के गठन के संबंध में बात की।
क्योंकि बिना जेआईसी के गठन के सेना पूछताछ में पुलिस के साथ शामिल नहीं हो सकती। पूछताछ में सेना के शामिल होने के पीछे बड़ी वजह सेना में उसकी घुसपैठ और सेना में उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाना है।