लखनऊ। 24 वर्ष पहले गाजीपुर के उसरचट्टी में हुए गैंगवार में मनोज कुमार राय की हत्या के आरोपी जफर की दूसरी जमानत अर्जी को एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंश नारायण ने खारिज कर दी। आरोपी की पहली जमानत अर्जी को गाजीपुर के एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने 26 सितंबर 2023 को खारिज कर दी थी।
इसके पहले आरोपी की दूसरी जमानत का विरोध करते हुए अभियोजक ने बताया कि वादी शैलेंद्र कुमार राय ने तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी, सुरेंद्र शर्मा, गौस मुईनुद्दीन, कमाल समेत पांच लोगों के खिलाफ गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में 20 जनवरी 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि वादी का पुत्र मनोज कुमार राय तत्कालीन विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के साथ काम करता था। मनोज ने वादी को बताया कि उसने कुछ दिनों से अपने मन से टेंडर भरने शुरू कर दिए थे, जिससे मुख्तार अंसारी नाराज हो गया था और अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
बताया गया कि इसके बाद मनोज राय डर गया और मुख्तार अंसारी से माफी मांग ली थी और उसके साथ ठेकेदारी करने लगा। 14 जुलाई 2001 की शाम को वादी के घर पर आरोपी शहीद, गौस मुईनुद्दीन, सुरेंद्र व कमाल आए और मनोज को यह कहते हुए अपने साथ ले गए कि उसे विधायक जी ने बुलाया है। इसके एक दिन बाद रात में दो व्यक्ति बाइक से वादी के पास आए और कहा कि विधायक मुख्तार अंसारी की बात न मानने पर मनोज की हत्या कर दी गई है।
कहा गया की आरोपियों ने मनोज राय को उसरीचट्टी कांड में झूठा हमलावर दिखाकर मनगढ़ंत कहानी बनाकर समाचार पत्रों में छपवा दिया था कि उसे गोलीबारी में मारा गया। विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी जफर भी हत्याकांड में शामिल था।