लखनऊ में वृंदावन के स्कोप अस्पताल की एंबुलेंस में केजीएमयू के लिए रेफर मरीज डेढ़ घंटे तक तड़पता रहा और ड्राइवर एंबुलेंस ले जाने को राजी नहीं हुआ। परिवारीजों के बार-बार मिन्नतें करने पर ड्राइवर ने दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा।
इसके बाद 108 से मरीज को केजीएमयू ले जाया गया। बताया जाता है कि मरीज का स्कोप हॉस्पिटल में इलाज नहीं हुआ था इसलिए उसके ड्राइवर को एंबुलेंस खाली करने को कहा गया। हालांकि अस्पताल संचालक ने इसके पीछे एंबुलेंस में तकनीक खराबी बताई।
वृंदावन सेक्टर निवासी राजेश तिवारी की मां कलावती (70) की तबीयत बुधवार सुबह छह बजे खराब हो गई। राजेश ने सेक्टर नौ स्थित स्कोप अस्पताल से एंबुलेंस मंगाई। उन्होंने बताया कि अटेंडेंट की मदद से कलावती को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।