राजधानी के गोसाईंगंज इलाके में भैंस चोरी के मामले में अब बरेली स्थित आईवीआरआई लैब की मदद ली जाएगी। दो लोगों के मालिकाना हक जताने के बाद पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया है। दोनों लोगों के पास पड़वा(भैंस का बच्चा) है, जिसे भैंस का बताया जा रहा है।
ऐसे में खोई भैंस मिलने के बाद स्थित उलझ गई है। तमाम प्रयास के बावजूद नतीजा न निकलता देख अब दोनों पड़वों के नमूने लैब भेजे जाएंगे। जिसके पड़वे से भैंस का डिएनए मैच कर जाएगा भैंस उसी की होगी। सीओ मोहनलालगंज के इस फैसले को दोनों ही दावेदारों ने भी मान लिया है।
गोसाईंगंज में चोरी गई भैंस का मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुका है। करीब एक माह पहले राम किशन की भैंस गायब हो गई थी। तलाश के बावजूद न मिलने पर थाने पहुंच तहरीर दी।