यूपी बोर्ड में हाईस्कूल परीक्षा के पहले दिन से कक्ष निरीक्षकों की कमी है। इस वजह से परीक्षार्थी कमरों में क्षमता से ज्यादा बिठाए जा रहे हैं। एक ओर परीक्षा नकल विहीन कराने का दावा किया जा रहा है, दूसरी ओर कक्ष निरीक्षकों के अभाव में परीक्षार्थियों को तांक-झांक के साथ आपस में बात करने का पूरा मौका मिल रहा है।
बुधवार को कृष्णानगर स्थित आवासीय पब्लिक इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान इसी तरह का नजारा देखने को मिला। आवासीय पब्लिक इंटर कॉलेज में बुधवार को 10 कमरों में परीक्षा हो रही थी। कमरों में परीक्षार्थी काफी सटकर बैठे हुए थे। जबकि कई कमरे खाली पड़े हुए थे।
केंद्र व्यवस्थापक के अनुसार कक्ष निरीक्षकों की कमी के कारण स्टूडेंट्स को कम कमरों में एडजस्ट करना उनकी मजबूरी है। बार-बार कहने के बावजूद दूसरे कॉलेजों से कक्ष निरीक्षक नहीं आ रही हैं। बुधवार को इंग्लिश की परीक्षा कराने के लिए केंद्र व्यवस्थापक को मिलाकर कुल 17 शिक्षक ही थे। ऐसे में हर कमरे में केवल एक-एक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी ही लगाकर परीक्षा करानी पड़ी।
हाईस्कूल परीक्षा में दीं इंटर की बी-कॉपियां
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद पर्याप्त संख्या में बी कॉपियों की व्यवस्था तक नहीं कर पाया। इस साल सामान्य के मुकाबले महज 30 प्रतिशत बी-कॉपियां ही दी गई थीं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल मिलाकर सवा दो लाख कॉपियां कम हैं।
खासकर हाईस्कूल की कॉपियां तो बिल्कुल समाप्त ही हो गईं। बुधवार को हाईस्कूल में अंग्रेंजी के पेपर के दौरान ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल की बी-कॉपियां समाप्त हो गई तो केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया कि वे इंटर की बी कॉपियों पर हाईस्कूल लिखकर 10वीं के परीक्षार्थियों को दे दें। अब मुसीबत इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान बी कॉपियों के लिए होना तय है।
पकड़ा गया एक नकलची
बुधवार को अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी को सचल दस्ते ने नकल के साथ पकड़ा। श्री जय नारायाण इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल देवकी सिंह द्वारा किए निरीक्षण के दौरान एक परीक्षार्थी के पास गाइड की पर्ची मिली। इस पर परीक्षार्थी को रेस्टीकेट कर दिया गया।
बोर्ड परीक्षा के पहले एक-दो दिन तो एसएसपी के वादे के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी लेकिन फिर वही पुरानी कहानी है। बुधवार को अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय की परीक्षा होने के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर पुलिस नदारद थी।