प्रदेश में सभी वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए आय सीमा 2.5 लाख रुपये सालाना की जाएगी। अभी यह आय सीमा सिर्फ अनुसूचित जाति व जनजाति और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए ही है।
अब सामान्य व पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। पहले यह सीमा 2 लाख रुपये तक थी। इस वर्ग के करीब 50 लाख विद्यार्थी हर साल छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई के लिए आवेदन करते हैं। शासन ने चालू वित्त वर्ष से ही इसे लागू कराने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि जुलाई से इस प्रस्ताव पर अमल हो जाएगा।
शासन के सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव तैयार हो चुका है। जल्द ही नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव सक्षम स्तर से अनुमोदित कराया जाएगा। पिछले वर्ष एससी-एसटी व अल्पसंख्यक छात्रों के लिए आय सीमा दो लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख किया गया था। तभी से सभी वर्गों के लिए आय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी।