फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा के संविधान में हुए बड़े बदलाव, पांच साल होगा अध्यक्ष का कार्यकाल

Sun, 26 Mar 2017 01:20 PM IST
amarujala.com- presented by: ईश्वर आशीष
विज्ञापन
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को पार्टी के संविधान में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए। इनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल से बढ़ाकर पांच साल करना शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव व सचिव पदों की संख्या बढ़ाकर 10-10 कर दी गई है।
विज्ञापन


अभी तक 6 महासचिव और 6 उपाध्यक्ष का प्रावधान था। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के भी अब एक के बजाय तीन पद होंगे। कार्यकारिणी में तय हुआ कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए सितंबर में अधिवेशन होगा। इससे पहले जिला और प्रदेश सम्मेलन होंगे।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई। एक जनवरी को सपा के विशेष अधिवेशन के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी। महासचिव रामगोपाल यादव ने पार्टी के संविधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
विज्ञापन


सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रमुख महासचिव का नया पद सृजित किया गया है। माना जा रहा है कि यह पद रामगोपाल यादव के लिए बनाया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष भी 5 साल के लिए चुना जाएगा

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाने का रहा। अब अध्यक्ष का चुनाव पांच साल के लिए होगा। प्रदेश अध्यक्ष भी 5 साल के लिए चुना जाएगा।

प्रदेश कार्यकारिणी में भी प्रमुख महासचिव का एक  नया पद बनाया गया है। महासचिव के पद एक से बढ़ाकर तीन कर दिए गए हैं। सभी संशोधनों पर बिना किसी चर्चा के मुहर लगा दी गई।

सपा का सदस्यता अभियान 14 से
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तय हुआ कि सपा का सदस्यता अभियान 15 अप्रैल से शुरू होगा। यह जून 2017 तक चलेगा। इसके बाद जिला सम्मेलन और फिर प्रदेश सम्मेलन होंगे।

जिला और प्रदेश सम्मेलन में चुने गए प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय अधिवेशन सितंबर में होगा। संगठनात्मक चुनाव के लिए रामगोपाल यादव को मुख्य निर्वाचन अधिकारी चुना गया है।

मुलायम, शिवपाल को भूले

बैठक में न तो किसी ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की गैरहाजिरी का मुद्दा उठाया और न ही शिवपाल सिंह यादव का। करीब दो घंटे चली राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उन्हें भुला ही दिया। शिवपाल तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी नहीं हैं। मुलायम सिंह सदस्य हैं या नहीं, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।

हार की समीक्षा होगी, भितरघातियों पर गिरेगी गाज
बैठक में कुछ लोगों ने भितरघात और गुटबंदी को हार की वजह बताया। रामगोपाल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जिला और मंडलवार हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भितरघातियों को बख्शा नहीं जाएगा।

कई सदस्यों ने ईवीएम में गड़बड़ियों का अंदेशा जताते हुए कहा कि जहां सपा के पक्ष में मतदान हुआ, वहां भी वोट कम निकले हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जब ईवीएम पर अंगुलियां उठ रही हैं तो निर्वाचन आयोग को इसकी जांच करानी चाहिए। कार्यकारिणी में सभी की राय अगले चुनाव बैलेट से कराने की थी लेकिन इस आशय का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया।
विज्ञापन

सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में ये रहे मौजूद

रामगोपाल यादव - फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के अलावा किरनमय नंदा, जया बच्चन, नरेश अग्रवाल, नरेश उत्तम, विशंभर प्रसाद निषाद, बलराम यादव, अहमद हसन, रामजी लाल सुमन, नीरज शेखर, चंद्रपाल सिंह यादव, सुरेंद्र नागर, कमाल अख्तर, रामपूजन पटेल, अबू आसिम आजमी (महाराष्ट्र) देवेंद्र प्रताप सिंह (बिहार), जॉय एंटोनी (केरल), रवि वर्मा, अरविंद कुमार सिंह, जावेद अली खान, कल्याण जैन (मध्य प्रदेश), जगदीप यादव, संजय लाठर, राजपाल कश्यप, जूही सिंह, डॉ. मधु गुप्ता, राजीव राय, जावेद आब्दी, राजेंद्र चौधरी खासतौर पर मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें