अब पार्टी हाईकमान की ओर से समाजवादी लोहिया वाहिनी को गांव- गांव दलित संवाद कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया है। यह कार्यक्रम शुरू भी हो चुका है, लेकिन लोहिया वाहिनी के जरिए दलित संवाद कार्यक्रम को लेकर दलित नेता असहज महसूस कर रहे हैं। उनका तर्क है कि लोहिया वाहिनी के जरिए अभी तक दलित संवाद जैसा कार्यक्रम कभी नहीं हुआ है।
इस तरह का कार्यक्रम अनुसूचित प्रकोष्ठ ही करता रहा है। फिलहाल इस मुद्दे पर पार्टी के जिम्मेदार खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। इतना जरूर कहते हैं कि जल्द ही प्रकोष्ठ का गठन कर दिया जाएगा।