समीक्षा अधिकारी मनोज की शिकायत थी कि शनिवार को वह अपनी कार से जा रहे थे कि आगे की कार अचानक रुकने से उनके कार पीछे से टकरा गई। आगे वाले कार चालक ने 100 नंबर डायल कर पुलिस बुला लिया। पुलिस दोनों पक्षों को कैसरबाग थाने ले गई और घटनाक्रम की तहरीर लेकर गाड़ी खड़ी करवा लिया। दूसरे दिन आने को कहा। दूसरे दिन जाने पर पता चला कि पुलिस ने मेरे खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस पर जब आपत्ति दर्ज कराई और बताया कि वह सचिवालय कर्मी हैं तो सीओ कैसरबाग भड़क गए और पिटाई करने लगे। सचिवालय परिचय पत्र फेंककर रौंद दिया। बाद में शांति भंग करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए हिरासत में ले लिया। कई घंटे बाद जमानत पर छोड़ा गया।