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चारबाग पर बसें न मिलने से खफा श्रमिकों ने किया हंगामा, लूट लिए खाने के पैकेट

Sat, 23 May 2020 06:25 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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करीब डेढ़ घंटे बाद श्रमिकों को शांत कराया जा सका - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर उस वक्त हंगामा हो गया। जब श्रमिकों को उनके शहरों के लिए बस नहीं मिली। नाराज श्रमिकों ने सड़क पर हंगामा व प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उन्होंने खाने के पैकेट भी लूट लिए। करीब डेढ़ घंटे बाद मजदूरों को शांत कराया जा सका।
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अन्य राज्यों में फंसे हजारों श्रमिकों को वापस लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची, जिससे उतरे श्रमिकों को थर्मल स्क्रीनिंग कर बाहर भेज दिया गया।

लेकिन श्रमिकों की बसें चारबाग पर नहीं लगी हुई थीं। यह श्रमिक लखीमपुर, सीतापुर, गोरखपुर आदि जगहों के रहने वाले थे। नाराज श्रमिक चारबाग आरक्षण केंद्र के बाहर पहुंचे और बस नहीं मिलने की वजह से हंगामा करने लगे।
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भीड़ में गुम हो गई सोशल डिस्टेंसिंग 

आनन फानन में सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। लेकिन श्रमिकों की भीड़ होने की वजह से मूक दर्शक बनकर रह गए। इतना ही मजदूरों ने उधर से गुजर रही खाने की ट्रॉली को भी लूट लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद मजदूरों को शांत कराया जा सका और फिर उन्हें उनके घरों के लिए रवाना किया गया।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले यात्रियों के थर्मल स्कैनिंग होने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बसों में रवाना किया जा रहा था, लेकिन पिछले दो दिनों से भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है और स्टेशन पर सीट के लिए मारामारी की स्थिति पैदा हो रही है।

 

देरी से पहुंच रहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें

वहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की लेट-लतीफी के कारण यात्रियों को गर्मी और भूख झेलनी पड़ रही है। कई ट्रेनें देरी से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच रही हैं। दो ट्रेनें घंटों की देरी से शुक्रवार को चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची।

कई ट्रेनें तो 10 घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। सोलापुर और ठाणे से दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को गुरुवार को पहुंचना था, लेकिन यह ट्रेनें देरी से शुक्रवार दोपहर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचीं। सोलापुर वाली ट्रेन में 1570 और ठाणे की ट्रेन में 1850 मजदूर लखनऊ पहुंचे।

इन मजदूरों ने ट्रेनों की लेटलतीफी पर अपनी नाराजगी भी जताई। मजदूरों ने बताया की ट्रेनों की देरी की वजह से उन्हें बोगियों में गर्मी से जूझना पड़ा। इतना ही नहीं पानी तक खत्म हो गया था। शुक्रवार को चारबाग रेलवे स्टेशन से 16 पासिंग ट्रेनें गुजरीं, जिनसे लखनऊ में करीब 3200 यात्री उतरे। 

खाने को लेकर एलडीए और जिला प्रशासन के बीच झड़प

ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण एलडीए शुक्रवार दोपहर तक 24 से 48 घंटे तक की देरी से आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के यात्रियों को खाना देता रहा। इसकी वजह से देर शाम तक करीब 25 हजार पैकेट चारबाग पर बांट दिए गए।

कई बार ऐसा भी हुआ कि खाना ही खत्म होने की स्थिति आ गई। बिगड़े हालात के बीच एलडीए और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। प्रशासनिक अधिकारी जहां सोशल डिस्टेंसिंग नहीं करा पा रहे हैं। 
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श्रमिकों को बसों से भेजा

काकोरी एक्सप्रेस-वे में टोल प्लाजा पर ट्रकों और अन्य वाहनों से आए करीब 2000 मजदूरों को बुद्धेश्वर मोहान रोड स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय विश्वविद्यालय लाया गया।

जहां से रोडवेज की 38 बसों से मजदूरों को उनके गृह जनपद भेजा गया। इसमें से कुछ मजदूर बिहार के थे, जिन्हें बसों से बिहार बॉर्डर पहुंचाया गया। टोल प्लाजा पर ट्रक-टैंकर, लोडर व अन्य निजी वाहनों से मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। 

पुलिस आयुक्त बोले, अब पैदल नहीं आ रहा कोई मजदूर
भीषण गर्मी में पैदल सड़क नापने वाले मजदूरों की संख्या खत्म हो गई है। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि अगर कोई मजदूर पैदल आते दिख भी जाता है तो संबंधित जनपद की पुलिस उन्हें रोक-रोककर बसों अथवा अन्य वाहनों में बैठाकर आगे भेज रही है।

लखनऊ में शुक्रवार को कोई मजदूर पैदल नहीं आया। कानपुर रोड पर विभिन्न साधनों से आ रहे 198 मजदूरों को चार बसों से उनके घर भेजा गया। सभी मजदूरों को गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह छह बजे तक निजी अस्पताल लाकर उनकी जांच कराई गई।     
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