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डाकिया बनकर घर में घुसे लुटेरे, बुजुर्ग को बंधक बनाया और करने लगे राजनीतिक बातें

Tue, 29 Dec 2020 11:56 AM IST
ishwar ashish क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लूट का शिकार बना रिटायर्ड कर्मचारी। - फोटो : amar ujala
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डाकिया बनकर आए दो बदमाशों ने सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे इंदिरानगर के सेक्टर 19 निवासी बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी श्रीश चंद्र चतुर्वेदी को बंधक बनाकर जेवर-नकदी लूट लिए। वह घर पर अकेले ही रहते हैं। बुजुर्ग ने शोर मचाया तो ऊपर किराये पर रहने वाली छात्रा ने उनके बंधन खोलकर पुलिस को सूचना दी। गाजीपुर पुलिस के साथ डीसीपी, एडीसीपी, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने छानबीन शुरू कर दी है।

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श्रीश चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी पत्नी उर्मिला का निधन हो चुका है और बेटे बाहर रहते हैं। सोमवार रात वह खाने की तैयारी कर रहे थे कि तभी डोरबेल बजी। बाहर पिट्ठू बैग टांगे युवक खड़ा हुआ था। उसने कहा कि वह डाक लेकर आया है। एक लिफाफा बढ़ाते हुए कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा। श्रीष चंद्र पेन लेने बेडरूम में गए तो युवक आंगन तक आ गया। वह रिसीविंग देने बाहर ले जाने लगे तो युवक ने कहा कि यहीं हस्ताक्षर करा लेते हैं।

इसी बीच उसका साथी भी आ गया। दोनों अंकल बोलकर बातचीत करने के लिए उन्हें बेडरूम में ले गए, जहां कुछ देर बाद पकड़कर मुंह दबा दिया। विरोध पर पीटा और हाथ-पैर व मुंह कपड़े से बांध दिया। करीब आधे घंटे तक बदमाशों ने अलमारियों व बक्सों से जेवर-नकदी समेटीऔर भाग गए।

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भगवा अंगोछा डाले थे बदमाश

पीड़ित ने बताया कि बदमाश भगवा अंगोछा डाले थे और मास्क लगाए थे। उन्होंने खुद को आरएसएस वाला बताया। बोले, मोदी जी हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं और वह इसी सिलसिले में लोगों से मिल रहे हैं। श्रीश ने भी दोनों से राजनीति से संबंधित बातचीत की।  
 

सोने की चेन, हीरे की अंगूठी ले गए

बुजुर्ग ने बताया कि बदमाशों ने उनकी ढाई तोले की सोने की चेन, हीरे व सोने की अंगूठी उतरवा ली। आलमारी में रखी सोने की पांच अंगूठी, पत्नी का सोने का एक जोड़ी झुमका व पायल और दो डेबिट कार्ड तथा मोबाइल फोन लूट ले गए। बदमाशों के पूछने पर जिस खाते में कम रुपये थे, उसका पिन नंबर बता दिया।
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ऑस्ट्रेलिया से बेटे ने लिया हालचाल

श्रीश का बड़ा बेटा ब्रह्मदेव चतुर्वेदी इंजीनियर है, जो बाहर रहता है। दूसरा बेटा भारत भूषण ईएनटी चिकित्सक है और सीतापुर में तैनात है। सबसे छोटा आशीष चतुर्वेदी भी इंजीनियर है और ऑस्ट्रेलिया में रहता है। वारदात की जानकारी पर उसने पिता को फोन कर हालचाल लिया।
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