लखनऊ। जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। सरोजनीनगर तहसील में जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने पहुंचकर फरियादें सुनीं। उनके सामने पैमाइश में लापरवाही का एक मामला आया, जिसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए राजस्व निरीक्षक को हटाने के निर्देश दिए।
ऐन गांव निवासी जियालाल ने बताया कि एसडीएम सरोजनीनगर न्यायालय ने खेत की मेड़बंदी के लिए आदेश पारित किया था। जानकारी पर उन्हें पता चला कि मेड़बंदी रोकने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जियालाल ने बताया कि प्रार्थना पत्र फर्जी है। वह पढ़ा-लिखा नहीं है। जबकि प्रार्थनापत्र में किसी ने फर्जी हस्ताक्षर किए हैं।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि राजस्व निरीक्षक अमावा ने पैमाइश में लापरवाही बरती है। डीएम ने राजस्व निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से तहसील सरोजनीनगर से हटाने के निर्देश दिए। नगर पंचायत बंथरा में रास्ते के बीच में खड़े सूखे ताड़ के पेड़ को काटे जाने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) बंथरा का वेतन मामले का निस्तारण होने तक बाधित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि काम होने पर लोगों को जानकारी भी दी जाए।
अधिवक्ताओं ने बताईं समस्याएं
सरोजनीनगर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह, महामंत्री राजेंद्र यादव सहित संगठन के कई अधिवक्ताओं ने डीएम को अपनी मांगों का पत्र दिया। अधिवक्ता रजिस्ट्रार ऑफिस और चकबंदी कार्यालय को सरोजनीनगर तहसील परिसर में स्थानांतरित करने की मांंग कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने समस्याओं का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।
पांचों तहसीलाें में आए 551 प्रकरण, सिर्फ 115 ही निपटे
जिले की पांचों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस में 551 मामले आए, जिनमें 115 मामले ही मौके पर ही निस्तारित हो सके। डीएम ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील सदर में 50 में से 11 मामलों का निस्तारण, तहसील मलिहाबाद में 81 में से 12 मामलों का निस्तारण, तहसील बीकेटी में 109 में से 25, तहसील मोहनलालगंज में 168 में से 22 जबकि तहसील सरोजनीनगर में 143 में से 45 मामलों का निस्तारण मौके पर किया गया। जिले में पुलिस से संबंधित 78, राजस्व एवं पुलिस संयुक्त चार, राजस्व से संबंधित 301, विकास से जुड़े 34, शिक्षा से जुड़ा एक, स्वास्थ्य से जुड़ा एक, समाज कल्याण से जुड़े 11, नगर निगम के दो और 119 अन्य मामले मिले हैं।