बाराबंकी हादसे के बाद परिवहन विभाग ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा व पंजाब के बीच अंतर्राज्यीय बसों की डग्गामारी पर लगाम करने की शुरुआत कर दी है।
बाराबंकी हादसे के बाद परिवहन विभाग ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा व पंजाब के बीच अंतर्राज्यीय बसों की डग्गामारी पर लगाम करने की शुरुआत कर दी है। विभाग ने सीधे तौर इन बसों के अवैध संचालन को रोकने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) यानी आरटीओ को जिम्मेदारी सौंपी है। अब बिना परमिट के कोई बस सवारी ढोते हुए पकड़ी गई तो आरटीओ को नोटिस मिलेगी।
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लखनऊ जोन के डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट निर्मल कुमार ने बृहस्पतिवार को आरटीओ एवं एआरटीओ की बैठक करके निर्देश दिए हैं। इसी तर्ज पर प्रदेश भर में प्रवर्तन टीमें अंतर्राज्यीय बसों की डग्गामारी पर अंकुश लगाएंगी। आरटीओ प्रवर्तन की टीमें डग्गामार बसों पर कार्रवाई कर रहीं या नहीं इसकी रेंडम जांच भी की जाएगी। इस जांच में जो फेल मिला उसके खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू होगा। दरअसल बाराबंकी में डग्गामार एसी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने और 18 लोगों की मौत पर शासन ने अवैध संचालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं।
अवैध अड्डे से बसों का संचालन
लखनऊ के कई इलाकों से स्थित अवैध अड्डों से बसों का संचालन होता है। इसमें डॉलीगंज बंधा, बेगम हजरत महल पार्क, कमता, चिनहट, ट्रांसपोर्टनगर, होटल पिकैडली के पीछे अवैध डग्गामार बसें दिल्ली, गुड़गांव, चंडीगढ़ के यात्रियों को पुलिस के संरक्षण में ढो रहीं हैं। सिंडीकेट के लोग एसी बसों को गोमती नदी, गोमतीनगर एवं एलडीए कॉलोनियों में खड़ी करते हैं।