केंद्र सरकार ने जिस तरह दलितों व महिलाओं को इंडस्ट्री लगाने में सहयोग के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना शुरू की है, योगी सरकार भी इसी तरह प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना लागू करने की तैयारी कर रही है।
स्टैंड-अप इंडिया योजना में बैंकों की सभी शाखाओं को एक दलित व एक महिला को लोन देने का लक्ष्य दिया गया था। वहीं, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में दलितों व महिलाओं को आरक्षण देने का फैसला किया गया है।
हालांकि आरक्षण कितना होगा, यह कैबिनेट तय करेगी। सपा सरकार ने 2016-17 के आम बजट में समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना शुरू की थी। इसका मकसद प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।
हालांकि इसका बजट बहुत कम था, लिहाजा इसका फायदा ज्यादा लोग नहीं पा सके। इस योजना के लिए आम बजट में 40 करोड़ और अनुपूरक बजट में पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
नई सरकार ने इस योजना से समाजवादी शब्द को मुख्यमंत्री करके योजना जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही इसमें कमजोर वर्गों व महिलाओं को लाभ दिलाने के लिए नए प्रावधान जोड़ने का फैसला किया है।