शराब पीने से खराब हुआ लिवर ठीक होने की उम्मीद जगी है। विटामिन डी को सक्रिय करने वाले कृत्रिम विटामिन डी (कैल्सिपोट्रिऑल) की मदद से ऐसा किया जा सकता है। संजय गांधी पीजीआई में हुए अध्ययन की सफलता से यह आस बंधी है। संस्थान में चूहों पर किए गए अध्ययन को इंडोक्राइनोलॉजी जर्नल ने मान्यता दी है।
शराब का लगातार सेवन लिवर में चर्बी जमा करने के साथ उसकी कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है। शराब से जुड़ी लिवर की बीमारी से जूझने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी देखी जाती है। इसी आधार पर अध्ययनकर्ताओं की ओर से यह जांचने की कोशिश की गई कि विटामिन डी रिसेप्टर को सक्रिय करने से शराब से प्रभावित लिवर पर क्या असर पड़ता है।
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कैल्सिपोट्रिऑल शरीर में विटामिन डी के असर को सक्रिय करने वाला यौगिक है। अध्ययन में देखा गया कि चूहों पर इसके प्रभाव से लिवर में जमा चर्बी, कोशिकाओं की चोट और सूजन से जुड़े संकेतकों में कमी आई।
चूहों को दिया गया एथेनॉल वाला आहार
अध्ययन में नर चूहों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पांच फीसदी एथेनॉल वाला आहार देकर शराब से होने वाले लिवर नुकसान जैसा मॉडल तैयार किया। इसके बाद एक समूह को कैल्सिपोट्रिऑल दिया गया। जांच में इस समूह के लिवर में ट्राइग्लिसराइड यानी चर्बी का जमाव कम पाया गया। शोध दल में एसजीपीजीआई के डॉ. अंबुज शाही, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. रोहित एंथनी सिन्हा, डॉ. माबेल मिशा सिंह, डॉ. प्रतीक मेढे, डॉ. रुखसाना महमूद, डॉ. अनुज कुमार और डॉ. आशीष गुप्ता शामिल रहे।
कैल्सिपोट्रिऑल को जानें: कैल्सिपोट्रिऑल विटामिन डी का कृत्रिम (सिंथेटिक) रूप है। यह विटामिन डी रिसेप्टर को सक्रिय करने वाला यौगिक है। यह विटामिन डी के सक्रिय रूप से संबंधित पदार्थ है और शरीर की कुछ कोशिकीय प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।