फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: अब तक कई नौकरशाह आजमा चुके हैं राजनीति में अपनी किस्मत, जानें - क्या हुआ अंजाम

Wed, 30 Sep 2026 09:10 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अब तक कई नौकरशाह राजनीति में किस्मत आजमा चुके हैं। उनमें से किसी ने ठीकठाक मुकाम पाया तो किसी की सियासी पारी ही खत्म हो चुकी है। हालांकि, नौकरी से त्यागपत्र देने के बाद राजनीति में आने वाले अफसरों में महिलाओं की संख्या बेहद कम है।
विज्ञापन
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल राजनीति में कदम रखने वाली पहली नौकरशाह नहीं हैं। उनसे पहले कई अधिकारी यूपी की सियासत में किस्मत आजमा चुके हैं। इनमें कई को तो ठीकठाक मुकाम हासिल हो गया लेकिन कई की सियासी पारी खत्म हो चुकी है।

विज्ञापन


सियासत में सफल होने वाले नौकरशाहों में पूर्व डीजीपी बृजलाल और कानपुर के पुलिस कमिश्नर रह चुके असीम अरुण शामिल हैं। ईडी के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह भी वीआरएस लेकर राजनीति में आए और विधायक बने।

वहीं, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सेवानिवृत्ति के बाद सपा में पहचान तो बनाई लेकिन चुनाव नहीं जीत सके। वीआरएस लेने वाले आईएएस अभिषेक सिंह को भी राजनीति रास नहीं आई। सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व डीजीपी विजय कुमार और पूर्व डीजी सूर्य कुमार शुक्ला भाजपा में शामिल हुए लेकिन दोनों को कोई पद नहीं मिला। पूर्व आईएएस अनीस अहमद अंसारी को कांग्रेस में कोई पद नहीं मिला। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपनी पार्टी बनाई लेकिन अब तक पैर नहीं जमा सके हैं।
विज्ञापन


महिलाओं की संख्या कम : सियासी राह चुनने वाली महिला अफसरों की संख्या बेहद कम है। जनवरी 2026 में आईएएस अनामिका सिंह ने वीआरएस लिया लेकिन सियासी राह नहीं चुनी। बीते कुछ वर्षों में नौ आईएएस वीआरएस ले चुके हैं तो चार ने इस्तीफा दिया। इनमें आरपी सिंह, राजीव अग्रवाल, मो. मुस्तफा, रेणुका कुमार, जूथिका पाटणकर, विकास गोठलवाल, रिग्जियान सैंफिल, विद्या भूषण, एस मुथु शालिनी हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें