लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में संविदा डॉक्टरों के भरोसे चल रहे विभागों के दिन बहुरेंगे। मंगलवार से बैकलॉग भर्ती के साक्षात्कार शुरू हो गए। सामान्य विज्ञापन की साक्षात्कार प्रक्रिया जुलाई तक पूरी करने का दावा किया गया है।
पीजीआई की तर्ज पर लोहिया संस्थान का संचालन होना है। इसके बावजूद यहां कई विभाग संविदा डॉक्टरों के भरोसे चल रहे हैं। वहीं, कई विभागों में डॉक्टरों की संख्या शून्य है। इससे यहां इलाज और पढ़ाई दोनों बाधित होती है।
अब संस्थान प्रशासन ने जुलाई तक 300 से ज्यादा डॉक्टरों की भर्ती का दावा किया है। इसकी प्रक्रिया के तहत बैकलॉग भर्ती के साक्षात्कार शुरू हुए हैं। हड्डी, पैथालॉजी और एनेस्थीसिया विभाग में भर्तियां होंगी।
वर्ष 2006 में हुई थी शुरुआत
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। यहां 2009 में पीजीआई के सहयोग से 20 बेड की सुविधा के साथ ओपीडी चालू हुई। सत्र 2017-18 में यहां एमबीबीएस कोर्स शुरू हुआ। वर्ष 1991 में स्थापित लोहिया संयुक्त अस्पताल का विलय करने के लिए 27 अगस्त 2019 को शासनादेश जारी किया गया। वर्ष 2021 में अस्पताल का संस्थान में विलय कर दिया गया। इसके बाद संसाधन बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन अब भी सभी विभागों को डॉक्टर तक नहीं मिल सके हैं। भर्ती हुए डॉक्टरों में से भी कई संस्थान छोड़ रहे हैं।