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लखनऊ समेत प्रदेश भर में घटाया परमानेंट डीएल का कोटा, अब बिना टेस्ट नहीं बन सकेंगे डीएल

Fri, 05 Mar 2021 11:51 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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परिवहन विभाग ने आरटीओ में बिना वाहन टेस्ट के ही परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर देने वाले सिंडीकेट पर शिकंजा कस दिया है। इसके लिए आरटीओ में रोजाना बनने वाले परमानेंट डीएल का टाइम स्लॉट (कोटा) घटा दिया है। महानगर को छोड़कर छोटे शहरों के संभागीय निरीक्षक एक दिन में सिर्फ 36 आवेदकों के परमानेंट डीएल को मंजूरी दे पाएंगे। परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में लागू कर दी है। अब सिर्फ वही आवेदक परमानेंट डीएल के हकदार होंगे, जो संभागीय निरीक्षक के नेतृत्व में होने वाले वाहन टेस्ट में पास होंगे।
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‘अमर उजाला’ ने 10 फरवरी को ‘आरटीआई में पूछा, एक दिन में कैसे बन सकते 575 डीएल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था। इसके बाद परिवहन विभाग के बड़े अफसरों को जमकर फटकार पड़ी थी। वहीं, दो मार्च को पूरे प्रदेश में परमानेंट डीएल के उतने ही टाइम स्लॉट निर्धारित कर दिए, जितने आवेदकों का वाहन टेस्ट हो सके। इस संबंध में परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने आदेश जारी किया, जिसकी आधिकारिक पुष्टि उपायुक्त डीके त्रिपाठी ने की।   

लखनऊ में 351 की जगह 216 डीएल बनेंगे
नए आदेश के मुताबिक अब राजधानी में रोजाना 351 की जगह 216 आवेदकों के परमानेंट डीएल ही बन सकेंगे। कानपुर रोड स्थित आरटीओ में रोजाना 276 और देवा रोड स्थित एआरटीओ में 75 आवेदकों के परमानेंट डीएल बनते थे। अब आरटीओ में 180 और एआरटीओ में 36 के परमानेंट डीएल बन पाएंगे।
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यहां बनेंगे इतने डीएल

सीतापुर      72
रायबरेली   36
उन्नाव      36
हरदोई      36


1100 की घूस पर मिलता था बिना टेस्ट डीएल
नई व्यवस्था से ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ के गेट पर सजने वाली दलाल मंडी में बुधवार को सन्नाटा रहा। एक दलाल ने बताया कि जो बिना वाहन टेस्ट दिए परमानेंट डीएल बनवाना चाहते थे, उन्हें ऊपर के खर्च के 1500 रुपये देने पड़ते थे। इसमें 1100 रुपये की घूस देने पर बिना वाहन टेस्ट आसानी से डीएल बन जाता था और 400 रुपये की कमाई हो जाती थी। अब बिना टेस्ट के डीएल बनेगा ही नहीं तो कमाई नहीं हो पाएगी। इस खेल से आरटीओ सिंडीकेट की रोजाना औसतन एक लाख रुपये से अधिक की कमाई हो रही थी।
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