प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन गैस का कम उत्पादन कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहा है। कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत कई गुना बढ़ गई है। इसके चलते रेट भी दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। वहीं, मांग बढ़ने से रीफिलिंग में भी दिक्कतें आ रही हैं।
प्रदेश में आईनॉक्स और गोयल गैसेस दो ही ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता हैं। प्रदेश में कई बड़े चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में सीधे इनकी आपूर्ति है। इसके अलावा, 20 से अधिक ऐसे ऑक्सीजन सिलेंडर आपूर्तिकर्ता हैं, जो दूसरे राज्यों से बड़े सिलेंडर मंगाकर छोटे-छोटे में रीफिल करके आपूर्ति करते हैं।
ऑक्सीजन आपूर्ति से जुड़े एक व्यापारी बताते हैं कि देहरादून, राउरकेला, पानीपत, जमशेदपुर आदि में बड़े लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट हैं। पहले इनसे भी यूपी में ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाती थी। अन्य राज्यों ने दूसरे प्रदेशों को ऑक्सीजन आपूर्ति करने पर रोक लगा दी। इसके चलते बढ़ी हुई ऑक्सीजन की मांग पूरी करने में दिक्कतें आने लगी। ऑक्सीजन की अचानक कमी और कोरोना महामारी के कारण मांग बढ़ने से सिलेंडर के दाम बढ़ते चले गए।