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सरकारी अस्पतालों में दस गुना तक बढ़ी ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत

Fri, 18 Sep 2020 11:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला, लखनऊ
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ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही सरकारी अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन की खपत दस गुना तक बढ़ गई है। पहले जहां 1000 जंबो सिलेंडर की खपत रोजाना थी। वहीं, अब इनकी संख्या दस हजार सिलेंडर तक प्रतिदिन हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोरोना मरीज ऐसे ही बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में संकट गहरा जाएगा। क्योंकि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी जानबूझकर मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर रही है।

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वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अफसर कंपनियों को नोटिस जारी करके आपूर्ति कराने में कामयाब रहे। हालांकि निजी सेंटरों को मांग के अनुुरूप सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। निजी सेंटर संचालकों का आरोप है कि ऑक्सीजन सिलेंडर पहले की अपेक्षा अधिक दाम पर मिल रहे हैं। ऐसे में इलाज भी महंगा होता जा रहा है।

केजीएमयू में एक हजार जंबो सिलेंडर की जरूरत रोजाना
केजीएमयू में कोरोना मरीजों संग सामान्य मरीजों का भी इलाज चल रहा है। हालांकि सर्जरी कुछ ही विभागों में चल रही है। ऐसे में ऑक्सीजन की खपत पर खास प्रभाव नहीं पड़ा है। ऑक्सीजन लिक्विड गैस के इंचार्ज डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि केजीएमयू में ऑक्सीजन सिलेंडर के हर विभाग में टैंक बने हैं। कोरोना से पहले करीब आठ सौ सिलेंडर की खपत रोज थी। कोरोना की वजह से अब एक हजार सिलेंडर रोजाना की खपत हो रही है।
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लोकबंधु : पहले दस सिलेंडर अब सौ की मांग
कोरोना काल से पहले लोकबंधु अस्पताल में हर रोज दस सिलेंडर की मांग थी। कोविड हॉस्पिटल बनने के बाद अब रोजाना करीब 100 सिलेंडर की खपत हो रही है। सीएमसस डॉ. अमिता यादव के मुताबिक, निजी कंपनी बीच में मांग के अनुरूप सिलेंडर देने में आनाकानी कर रही थी। नोटिस जारी कर निजी कंपनी को काली सूची में डालने और एपेडमिक एक्ट के तहत कार्रवाई का दबाव बनाया गया तो सिलेंडर की आपूर्ति बराबर कर रही है।

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लोहिया संस्थान के कोविड हॉस्पिटल में 150 सिलेंडर की मांग

लोहिया संस्थान के कोविड हॉस्पिटल में कोरोना से पहले करीब हर रोज 30 सिलेंडर की खपत थी। कोरोना काल में यह खपत बढ़कर 120 से 150 सिलेंडर हो गई है। संस्थान प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश ने बताया कि ऑक्सीजन की मांग कोरोना काल में बढ़ गई है। फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।

निजी सेंटरों पर तीन गुने कीमत पर बिक रहे सिलेंडर
राजधानी में करीब एक हजार से अधिक निजी अस्पताल हैं। जबकि आठ से अधिक निजी कोविड अस्पताल हैं। निजी सेंटरों पर कोरोना काल से पहले औसतन करीब पांच हजार से अधिक सिलेंडर की खपत थी। कोरोना काल में यह खपत 15 से 20 हजार तक बढ़ गई है। निजी सेंटरों के प्रभारियों का कहना है कि सिलेंडर अब पहले से तीन गुना दाम पर भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं। शासन को मामले की जानकारी दी गई है। हालांकि अभी कोई हल नहीं निकला है। ऐसे में कोविड व नॉन कोविड हॉस्पिटल में इलाज भी महंगा हो गया है। ऑक्सीजन का खर्च मरीजों पर बढ़ रहा है। गरीब मरीज परेशान हैं।

होम आइसोलेशन में भी बढ़ी मांग
राजधानी में होम आइसोलेशन में 7444 सक्रिय मरीज है। इनकी बढ़ती संख्या के बीच ऑक्सीजन के छोटे सिलेंडर की डिमांड में तेजी आई है। जिन छोटे सिलेंडरों की खपत दो महीने पहले औसतन 100 से 150 थी। अब यह बढ़कर 800 से 900 तक पहुंच गई है।

तेजी से बढ़ी डिमांड
आईएमए लखनऊ की अध्यक्ष डॉ. रमा श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना काल में लिक्विड ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी मनमानी पर उतारू हैं। इसे लेकर शासन को पत्र भेजकर शुल्क तय किए जाने की मांग की थी। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जल्द ही कोई हल निकलेगा।
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