प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए शीघ्र ही नियुक्तियां होंगी। पहले चरण में तीन हजार डॉक्टरों को नियुक्त किया जा रहा है।
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग में गुणवत्ता सुधार के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि विश्व बैंक के सहयोग से एक ऐसा साफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य विभाग का पूरा विवरण ऑनलाइन हो जाएगा।
इसमें डॉक्टरों के रिकॉर्ड के साथ ही उन्होंने कितने मरीज देखे, कितनों का इलाज हुआ और कितने ऑपरेशन हुए इसका विवरण रहेगा। अस्पताल में दवा की उपलब्धता के साथ अन्य जानकारियां भी दी जाएंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की है कोशिश
प्रदेश के वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विश्व बैंक के मानकों के अनुसार काम हो रहा है।
उन्होंने कहा, इस परियोजना से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य सुधार के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभिन्न प्रकोष्ठ गठित कर दिए गए हैं।
इनमें पर्यावरण प्रबंधन, गुणवत्ता आश्वासन, पब्लिक प्राइवेट पाटर्नशिप तथा इलेक्ट्रानिक डाटा प्रकोष्ठ की स्थापना की जा चुकी है।
40 जिलों के अस्पताल होंगे हाईटेक
प्रदेश के 40 जिलों के चिकित्सालयों को उच्चीकृत किया जाएगा। इससे प्रदेश की गरीब जनता को इलाज की गुणवत्तापरक सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग का विवरण ऑनलाइन करने की योजना के तहत शुरुआत में प्रदेश के 16 जनपदों को लिया जा रहा है।
इसके बाद अन्य जनपदों के विवरण ऑनलाइन किए जाएंगे। इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार भी उपस्थित थे।