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सपा की दादागिरी, महंगी बिजली ही खरीदेंगे

Thu, 26 Jun 2014 11:19 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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सपा सरकार बिजली को लेकर जनता को कोई राहत देने के मूड में नहीं है। बुधवार को जब विधानसभा में यह मुद्दा उठा तो इस पर सरकार का कड़ा रूख कायम रहा।
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महंगी बिजली को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। सरकार पर निजी कंपनियों से महंगी बिजली खरीदने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता पर बोझ बढ़ा है।

सरकार ने सफाई दी कि बिजली दरें नियामक आयोग तय करता है। यह भी साफ किया कि रिलायंस और बजाज से महंगी बिजली की खरीद बंद नहीं होगी।

बसपा सदस्यों ने जनता पर बोझ बढ़ाने का सरकार पर आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

ग्रामीणों के कारण सरकार देती है सब्सिडी

बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह व भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी तथा मनीष असीजा के सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने बिजली दरों में कमी करने में यह कहते हुए असमर्थता जताई कि वर्ष 2014-15 के लिए औसत आपूर्ति लागत 7.09 रुपये प्रति यूनिट तथा औसत बिजली खरीद मूल्य 3.77 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित है।

ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं, निजी नलकूपों तथा पावरलूमों को रियायती बिजली के एवज में सरकार की ओर से 5,417 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रस्तावित है इसके बाद भी 3,613 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।

लाइफ लाइन उपभोक्ताओं को आपूर्ति लागत के मुकाबले कम दर पर बिजली आपूर्ति करने से लगभग 400 करोड़ रुपये का घाटा होने की संभावना है।

इसके लिए सरकार की ओर से सब्सिडी नहीं दी जाती। ऐसे में घरेलू बिजली दरों में 50 फीसदी कमी करने पर बड़े पैमाने पर घाटा होगा। दिल्ली में भी दी गई छूट वापस ले ली गई है।
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भाजपा ने लगाया आरोप

शाह ने लाइन हानियां 27 फीसदी होने की बात कही तो डॉ. वाजपेयी ने कहा कि नियामक आयोग को 37 फीसदी लाइन हानियां बताई गई हैं।

संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि कहीं दिल्ली का बिजली संकट तो भाषा बदलने की वजह नहीं है। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि आजम मामले को घुमाने की कोशिश कर रहे हैं। जब सस्ती बिजली उपलब्ध है तो निजी कंपनियों से छह-सात रुपये यूनिट की बिजली क्यों खरीदी जा रही है?

पावर कॉर्पोरेशन ने नियामक आयोग से 3.71 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूली की अनुमति मांगी है जबकि आयोग ने इस साल 2.84 प्रतिशत सरचार्ज की अनुमति दी है। आयोग ने लाइन हानियां कम न होने पर अगले साल सरचार्ज वसूली की अनुमति न देने की चेतावनी भी दी है।

बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर जनता के ऊपर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ सदन से बहिर्गमन किया।
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