शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए सरकार ने एक खास प्लान तैयार किया है, जिसके पहले चरण में 58, 826 शिक्षामित्रों को समायोजित किया जाएगा।
शिक्षा मित्रों को बंद और एकल स्कूलों में तैनात करने में प्राथमिकता दी जाएगी। उनके समायोजन के संबंध में इसी हफ्ते कार्यक्रम जारी करने की तैयारी है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर शिक्षा मित्रों के प्रमाण पत्रों का मिलान किया जाएगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होने वाली चयन समिति के अनुमोदन के बाद नियुक्ति अधिकारी बीएसए तैनाती संबंधी आदेश जारी करेगा।
कुल 1.70 लाख शिक्षामित्रों का होगा समायोजन
प्रदेश के कुल 1.70 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन होगा। जिसके पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाएगा।
सरकार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
बेसिक शिक्षा निदेशालय में इस संबंध में उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि शिक्षा मित्रों को बंद और एकल स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।
प्रदेश में मौजूदा समय बंद 4879 और 25,923 एकल (एक शिक्षक वाले) स्कूल हैं। बीएसए से एक बार फिर से इन स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा, ताकि इसका सत्यापन हो जाए। समायोजन प्रक्रिया जून के आखिरी सप्ताह तक पूरी करने की तैयारी है।
हाईकोर्ट में दाखिल किया कैवियेट
शिक्षा मित्रों ने हाईकोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ बेंच में कैवियेट दाखिल किया है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला और आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार शाही ने बताया कि शिक्षा मित्र लगातार 12 वर्षों से परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने का काम कर रहे हैं।
राज्य सरकार उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करना चाहती है, लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
इसलिए कैवियेट दाखिल कर हाईकोर्ट से अनुरोध किया गया है कि यदि उनके समायोजन के खिलाफ कोई मामला आता है, तो कोई भी निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।
हुआ था नियमों में संशोधन
गौरतलब है कि समायोजन के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया जा गया था।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते इस पर निर्णय नहीं हो पाया था।
सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने आचार संहिता समाप्त होते ही बेसिक शिक्षा मंत्री के पास फाइल भेजी थी।