पंचायतीराज विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिये पंचायत सहायकों व अन्य पदों की भर्ती में मनमानी का सरकार ने संज्ञान लिया है। मुख्य सचिव के निर्देश पर पंचायतीराज निदेशक ने आउटसोर्सिंग से की जा रही सभी तरह की भर्तियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश दिया है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में तीन मई को बैठक भी बुलाई है।
बताते चलें, ‘अमर उजाला’ ने 25 अप्रैल के अंक में खुलासा किया था कि पंचायतीराज विभाग 14 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत प्रदेश में पंचायत सहायक , चौकीदार, अवर अभियंता (सिविल), एकाउंटेंट (लेखाकार) व कंप्यूटर ऑपरेटर के 19 हजार से अधिक पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिये गुपचुप तरीके से भर्ती कर रहा है।
भर्ती प्रक्रिया पर कई तरह के सवाल भी उठाए गए थे। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस खबर का संज्ञान लिया और सुबह ही भर्ती स्थगित करने का निर्देश दे दिया। रंजन ने बताया कि पंचायतीराज विभाग को भर्ती की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।