फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदा-चित्रकूट पुलिस अफसरों पर लगे सनसनीखेज आरोप, दो आईपीएस के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

Wed, 30 Jan 2019 04:16 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो - फोटो : डेमो
विज्ञापन

रेलवे पुलिस के वांछित अपराधी को 24 दिनों तक अनाधिकृत तरीके से हिरासत में रखने और फिर उसे छोड़ देने का सनसनीखेज आरोप आईजी रेलवे ने चित्रकूट रेंज और बांदा के पुलिस अधिकारियों पर लगाया है। इस मामले में आईजी ने उक्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।

विज्ञापन


प्रयागराज में आईजी रेलवे भजनी राम मीना ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले वर्ष 2-3 सितंबर की रात मानिकपुर में गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में डकैती पड़ी थी। जीआरपी की जांच में चित्रकूट के लूलू पटेल गैंग के हाथ होने की पुख्ता जानकारी मिली थी। जिसके बाद लुलू पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। आरोप है कि इसी दौरान 9 सितंबर को लूलू और उसका साथी आदित्य बांदा पुलिस के हाथ लग गया।

उधर, जीआरपी भी लुलू की तलाश कर रही थी। जीआरपी को जानकारी हुई कि लूलू चित्रकूट पुलिस के पास है तो जीआरपी के अधिकारियों ने चित्रकूट पुलिस से संपर्क कर अपने केस का हवाला देते हुए उससे पूछताछ करने की बात कही। लेकिन बांदा पुलिस ने लूलू के कस्टडी में होने से ही इंकार कर दिया। इसी दौरान एक मुठभेड़ दिखा कर लूलू पटेल और उसके साथी आदित्य को फरार बता दिया गया।  
विज्ञापन


दिसंबर को जीआरपी ने लूलू को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया तो उसने पूरा खुलासा किया। लूलू ने आईजी रेलवे को बताया कि 9 सितंबर को उसे बांदा से पकड़ा गया था। दोनों को लखनऊ के गोमतीनगर और फैजाबाद रोड स्थित एक होटल में कई दिनों तक रखा गया।

विज्ञापन

आईजी बीआर मीना ने अमर उजाला को बताया कि इस मामले में चित्रकूट रेंज और बांदा पुलिस के अधिकारियों की भूमिका काफी संदिग्ध रही है। प्रयागराज जीआरपी द्वारा गिरफ़्तार लुलू ने पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि 24 दिनों तक दोनों अपराधियों को अनाधिकृत रूप से पुलिस ने हिरासत में रखा जहां से दोनों हथकड़ी समेत फरार हो गए थे।

भजनीराम ने बताया कि लुलू बांदा पुलिस का वांछित भी नहीं था फिर भी वहां की पुलिस ने काफी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में चित्रकूट रेंज के अधिकारी और बांदा पुलिस पर उनकी जांच में अनावश्यक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मीणा ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इंट्रोगेशन के दौरान जो बातें पकड़े गए बदमाशों ने बताई हैं उनकी वीडियो सीडी भी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। अब इस मामले में निर्णय उच्चाधिकारियों को लेना है।

इस बारे में एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि अभी ऐसी रिपोर्ट हमारे सामने नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद निश्चित रूप से जांच कराई जाएगी और अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई भी होगी। वहीं चित्रकूट के तत्कालीन डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि लुलू को अनाधिकृत रूप से कस्टडी में रखने की बात निराधार है। बांदा पुलिस की मुठभेड़ लुलू और आदित्य के साथ हुई थी, जिसमें दोनों पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। उन्होंने बताया कि लुलू एक नामी बदमाश है और वह रशियन महिला की हत्या कर लूट के मामले में जेल जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें