उप्र. हिंदी संस्थान में आयोजन में बोलतीं प्रधान संपादक अमिता दुबे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के सभागार में बुधवार को कथाकार गौरापंत शिवानी और कवि अदम गोंडवी स्मृति समारोह का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि प्रकाश चंद्र गिरी ने कहा कि अदम गोंडवी का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उनकी रचनाओं में संप्रेषणीयता के तत्व विद्यमान हैं। उनकी नज्मों में सामाजिक व्यवस्था व परिवेश के प्रति विद्रोह की झलक दिखाई पड़ती है।
डॉ. शिवानी ने कहा कि रचनाकार का व्यक्तित्व उसकी रचनाओं में परिलक्षित होता है। हिंदी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे ने बताया कि अदम गोंडवी का जन्म गोंडा के अट्टा परसपुर में 22 अक्तूबर 1947 को हुआ था। उनका असली नाम रामनाथ सिंह था। उन्हें 1998 में मध्य प्रदेश सरकार ने दुष्यंत कुमार पुरस्कार से नवाजा था। 18 दिसंबर 2011 को उनका देहांत लखनऊ के एसजीपीजीआई में बीमारी की वजह से हुआ। संवाद