इस सिस्टम के जरिये कंट्रोल रूम को आसानी से फीडर पर चले रहे वोल्टेज की जानकारी मिलेगी। इससे अफसरों को पता चलेगा कि उपभोक्ताओं को मानक से कम या फिर अधिक वोल्टेज पर करंट मिल रहा है। वोल्टेज अधिक होने पर उपकेंद्र के ऑपरेटर व अभियंताओं को अवगत कराया जाएगा।
मुख्यालय से जिले की निगरानी
मध्यांचल निगम के आला अफसर इस कंट्रोल रूम से पूरे जिले के बिजली सिस्टम की निगरानी कर सकेंगे। पता लगा सकेंगे कि किस फॉल्ट से बिजली सप्लाई में व्यवधान आया है। इसके लिए नोडल अधिकारी एवं अन्य स्टाप की तैनाती की जाएगी।
इसी साल चालू होगा कंट्रोल रूम
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के निदेशक सूर्यपाल गंगवार का कहना है कि मेरठ विद्युत वितरण निगम मुख्यालय की तर्ज पर मध्यांचल मुख्यालय पर भी आरटीडास कंट्रोल रूम बनकर इसी साल चालू होगा। यह उपभोक्ता सेवाओं के लिए बहुत हितकारी साबित होगा। इससे निर्बाध बिजली सप्लाई हो सकेगी।