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सपा में रार : नामांकन के बाद सपा विधायक अंबरीश पुष्कर हो सकते हैं कांग्रेस प्रत्याशी, इंदल रावत को कांग्रेस ने महिलाबाद से प्रत्याशी बनाया

Thu, 03 Feb 2022 03:10 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज इंदल रावत कांग्रेस से मैदान में उतरेंगे। अंबरीश पुष्कर भी मोहनलालगंज से कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरने की तैयारी में है। ऐसे में समाजवादी पार्टी के अंदर लखनऊ में बगावत बढ़ती जा रही है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा से मोहनलालगंज विधायक अंबरीश पुष्कर के टिकट पर पेंच फंस गया है। वह मंगलवार को नामांकन कर चुके हैं। वहीं, पूर्व सांसद सुशीला सरोज का दावा है कि वे मोहनलालगंज में बृहस्पतिवार को नामांकन करेंगी, जबकि मलिहाबाद से सुशीला सरोज के बजाय अब सोनू कन्नौजिया को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह कैंट, मध्य और उत्तर के उम्मीदवारों को भी नामांकन से रोक दिया गया है। इससे कार्यकर्ता भी खेमे में बंट गए हैं। अंबरीश पुष्कर भी मोहनलालगंज से कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरने की तैयारी में है। ऐसे में समाजवादी पार्टी के अंदर लखनऊ में बगावत बढ़ती जा रही है। उधर, सपा के पूर्व विधायक इंदल रावत ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इंदल रावत को कांग्रेस ने महिलाबाद से प्रत्याशी बनाया है।

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चौथे चरण में शामिल लखनऊ की नौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने में समाजवादी पार्टी को पसीने छूट रहे हैं। कई दिनों की मशक्कत के बाद मोहनलालगंज विधायक अंबरीश पुष्कर को उनकी ही सीट से उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने मंगलवार को पर्चा भी भर दिया। वहीं, मलिहाबाद से पूर्व सांसद सुशीला सरोज को उतारा गया, लेकिन बुधवार को यहां से सोनू कन्नौजिया को टिकट दे दिया गया। पार्टी कार्यालय से विधायक पुष्कर को प्रतीक्षा करने की बात कहकर पूर्व सांसद सुशीला सरोज को मोहनलालगंज से सिंबल दे दिया गया है। पूर्व सांसद ने दावा किया कि वह बृहस्पतिवार को पर्चा भरेंगी। इसी तरह कैंट से उम्मीदवार घोषित राजू गांधी, उत्तर से पूजा शुक्ला और लखनऊ मध्य से पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा को भी पर्चा भरने से रोक दिया गया है। 

पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेता मयंक जोशी जल्द सपा में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें कैंट या मध्य से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। यदि मयंक को मध्य से उम्मीदवार बनाया गया तो कैंट से दूसरे दावेदार को मौका मिल सकता है। हालांकि, मयंक के सपा में आने के मुद्दे पर सपा नेता बोलने को तैयार नहीं है। मयंक को भी कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर बात टाल दी।

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प्रदेश कार्यालय से आए फोन ने बढ़ाई मुसीबत, बढ़ी भितरघात की आशंका

प्रदेश कार्यालय से आए फोन के बाद सपाइयों में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है। जिला कार्यालय से लेकर नगर कार्यालय तक कार्यकर्ताओं में चर्चाएं होती रहीं। कोई शीर्ष नेतृत्व के फैसले को फायदेमंद तो कोई नुकसान की वजह गिनाता रहा। मोहनलालगंज विधायक अंबरीश पुष्कर मंगलवार को पर्चा दाखिल करने के बाद क्षेत्र में प्रचार-प्रसार में जुट गए थे। देर रात तक कई जगह बैठक भी कर चुके थे, लेकिन बुधवार सुबह प्रदेश कार्यालय से आए एक फोन ने उनकी धड़कन बढ़ा दी। उन्हें बताया गया कि मोहनलालगंज से अब पूर्व सांसद सुशीला सरोज चुनाव लड़ेंगी। वह प्रचार छोड़ जिला कार्यालय पहुंचे। यहां जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत से मिलकर पूरी बात बताई गई।

जिलाध्यक्ष ने भी कई लोगों को फोन किया और सूत्रों को टटोला। उन्हें जवाब मिला कि अभी तक मलिहाबाद से उम्मीदवार घोषित सुशीला सरोज अब मोहनलालगंज से चुनाव लड़ेंगी। कुछ देर में विधायक समर्थकों की भीड़ जिला कार्यालय जुटने लगी। कोई प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाने लगा तो कोई अखिलेश यादव से मिलने की सलाह देने लगा। कार्यकर्ताओं ने विधायक के समर्थन में नारेबाजी भी शुरू कर दी। विधायक ने इन्हें शांत कराया। यहां आए राकेश यादव ने कहा कि 2017 में मोदी लहर में अंबरीश ने सपा का खाता खोला था। इस इकलौती सीट पर दूसरे उम्मीदवार को उतारना घातक हो सकता है। ऐसा ही तर्क धर्मेंद्र भी देते हैं। जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने जो भी फैसला लिया है, उसके पीछे चुनावी रणनीति है। जो उम्मीदवार होगा, उसके साथ संगठन पूरी ताकत से खड़ा होगा।

नगर में चलती रही हलचल
सपा के नगर क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां जुटे पार्टी नेताओं के फोन लगातार घनघनाते रहे। कोई टिकट पर सवाल उठाता रहा तो कोई यह समझाने का प्रयास करता रहा कि जो भी उम्मीदवार होगा, उसके साथ जुटा जाएगा। एक-एक सीट को लेकर समीक्षा की जा रही है। इस बीच कई उम्मीदवारों को लेकर विरोध साफ दिखा। जिस तरफ से नगर कार्यालय में विरोध से स्वर दिखे, उससे भितरघात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, नगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित का कहना है कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को समझा रहे हैं। यह चुनाव किसी उम्मीदवार का नहीं, बल्कि भाजपा से संघर्ष का है। कहा कि तत्कालीन विरोध की वजह यह होती है कि हर व्यक्ति किसी न किसी से जुड़ा होता है। जिसके नेता को टिकट नहीं मिला, वह तमाम बातें कर रहा है। 

टिकट की घोषणा होते ही बंटी मिठाई
पूर्व सांसद सुशीला सरोज को मोहनलालगंज से टिकट देने के बाद मलिहाबाद से अब सोनू कन्नौजिया को टिकट दिया गया है। उन्हें सुबह प्रदेश कार्यालय बुलाकर सिंबल और अन्य दस्तावेज दिए गए। दस्तावेज लेकर बाहर निकलते ही सोनू को व्यापारियों ने फूलमाला से लाद दिया। मिठाई बांटकर खुशी जताई गई। इस दौरान सपा व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन मनोचा, मनीष अरोरा, संजय आदि थे।

इनके समर्थकों में मायूसी
सपा ने कैंट से राजू गांधी और मध्य से पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा को प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों को बुधवार दोपहर पर्चा दाखिल करना था। इनके समर्थकों ने तैयारी भी कर ली थी, लेकिन प्रदेश कार्यालय से आए फोन ने इस पर पानी फेर दिया है। अभी दोनों को नामांकन नहीं करने के लिए कहा गया है।
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