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बच्ची से हैवानियत: मुंह दबोचकर रिसीव की कॉल, ‘कृष्णा बोल रहा हूं, जेल से छूट गया हूं’

Sat, 24 Dec 2016 04:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो प‌िक - फोटो : getty images
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लखनऊ के आशियाना में सात साल की बच्ची से दरिंदगी के मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को हिरासत में ले चुकी है, लेकिन उसे कृष्णा नामक शख्स की तलाश है। कक्षा एक में पढ़ने वाली इस बच्ची ने पुलिस को बताया है कि दरिंदे ने उसका मुंह दबोचकर किसी की कॉल रिसीव की थी। 
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उस दौरान उसने अपना यही नाम बताया था। दरिंदे का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित की हैं। पुलिस ने बच्ची के घर के पास स्थित एक प्लाजा और एक दुकान की सीसीटीवी फुटेज खंगाली लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिवारीजनों ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत अज्ञात बदमाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

बच्ची ने जंगल में वारदात का जो स्थान बताया था शुक्रवार सुबह एसएसपी मंजिल सैनी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉयड और क्राइम ब्रांच की टीम वहां पर पहुंची। जंगल में झाड़ियों के बीच खून से लथपथ बोरा मिला। बच्ची की चप्पलें पड़ी मिलीं। नमकीन का पैकेट भी मिला जिसमें से आधा नमकीन खाया जा चुका था।
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झाड़ियां टूटी थीं और पत्ते नुचे-खुचे थे। ऐसा लग रहा था बच्ची ने दरिंदे से खुद को बचाने के लिए संषर्घ किया था। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।

हां बताओ....जेल से छूट गया हूं

डेमो प‌िक - फोटो : getty images
एसएसपी ने बताया कि डॉग स्क्वॉयड की मदद से पुलिस टीम घटनास्थल तक पहुंची। दरिंदे की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं। 

बच्ची से बातचीत में पता चला कि जब बदमाश उसे पकड़े था, उसके मोबाइल फोन पर किसी की कॉल आई थी। एक हाथ से दरिंदे ने उसका मुंह दबोच लिया और दूसरे से कॉल रिसीव करके बोला, हां बताओ... कृष्णा बोल रहा हूं। दूसरी तरफ से कुछ बोलने पर दरिंदे ने कहा कि जेल से छूट गया हूं। इतना कहकर उसने फोन काट दिया। 

पुलिस ने बताया कि कृष्णा अलीगंज थाना क्षेत्र का एक शातिर बदमाश है। एसएसपी के मुताबिक उसको पकड़कर लाया गया लेकिन बच्ची ने उसे पहचानने से इन्कार कर दिया। पुलिस उलझी हुई है कि दरिंदे का वाकई में कृष्णा नाम है या फिर उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा किया।

एसएसपी ने बताया कि बच्ची के गायब होने से उसके सड़क पर लहूलुहाल हालत में मिलने तक के वक्त तक वारदात स्थल के आसपास के सभी मोबाइल टॉवर का डिटेल मंगाया गया है। इससे दरिंदे के मोबाइल नंबर का पता लगाने की कोशिश होगी ताकि आसानी से उस तक पहुंचा जा सके।

पुलिस छह संदिग्ध लोगों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। बच्ची ने बदमाश का जो हुलिया बताया था, उसके आधार पर दो लोगों को पकड़ा गया है जबकि चार लोग बच्ची के जेल में बंद चाचा के करीबी दोस्त हैं।

एसएसपी और बच्ची की बातचीत

एसएसपी मंज‌िल सैनी - फोटो : amar ujala
एसएसपी : कौन ले गया था तुमको बेटी 
बच्ची : हम पहचानते नहीं हैं। लेकिन सामने आने पर पहचान लेंगे।
एसएसपी : क्या कहा था बदमाश ने तुमसे 
बच्ची : उसने कहा था कि चलो हम तुम्हें टॉफी दिलाते हैं। इसके बाद हम उसके साथ पास की परचून की दुकान तक चले गए।
एसएसपी : टॉफी की दुकान से वो तुमको कहां ले गया
बच्ची : पहली दुकान में टॉफी नहीं मिली तो बदमाश दूसरी दुकान में ले गया। वहां से टॉफी दिलाने के बाद उसने कहा कि तुमको अपने साथ घर ले जाऊंगा। यह कहकर उसने गोद में उठा लिया।
एसएसपी : फिर कहां ले गया तुमको 
बच्ची : एक नाले के रास्ते से वह जंगल में ले गया। वहां अंधेरा था। हमको डर लगने लगा तो उसने कहा कि घबराओ मत।
एसएसपी : और क्या कहा बदमाश ने...
बच्ची : उसने कहा कि मैं जेल में बंद था। बड़ी मुश्किल से कुछ दिन पहले ही छूटकर आया हूं। उसने यह भी कहा कि तुम्हारी मम्मी मेरी भाभी लगती हैं।
एसएसपी : नाम जानती हो तुम उस बदमाश का
बच्ची : कृष्णा...
एसएसपी : कैसे पता चला तुमको उसका नाम कृष्णा है?
बच्ची : उसके मोबाइल फोन पर कोई कॉल आई थी। फोन उठाकर उसने कहा कि कृष्णा बोल रहे हैं। इसी से हमें उसका नाम पता चला।
एसएसपी : कैसे कपड़े पहने था बदमाश 
बच्ची : बदमाश सफेद और नीली शर्ट पहने था। भीतर उसने भूरे रंग का इनर पहन रखा था। गले में एक काले रंग का लॉकेट भी था।
एसएसपी : तुम वहां से कैसे भागकर आईं...
बच्ची : बदमाश ने मेरा मुंह दबा रखा था। हमने दांत से उसका हाथ काट लिया और भाग निकली।
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यह था मामला

डेमो
आशियाना निवासी सरकारी कर्मचारी की कक्षा एक में पढ़ने वाली सात वर्षीय बेटी बृहस्पतिवार शाम घर के बाहर खेल रही थी तभी उसे कोई बदमाश टॉफी दिलाने के बहाने फुसलाकर ले गया और जंगल में दरिंदगी की। 

बच्ची वहां से किसी तरह भाग निकली और आशियाना थाना के पास गुरुद्वारा के बगल में बेसुध होकर गिर पड़ी। राहगीर जुटे तो बच्ची ने अपने पिता का नंबर बताकर उन्हें जानकारी दी। 

मासूम से दरिंदगी की खबर से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीआईजी, एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्ची का हालचाल लिया और पीड़ित परिवारीजनों से बातचीत की।
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