प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा द्वारा इब्राहिमपुर थाने में तैनात एक दरोगा के साथ अपशब्दों का प्रयोग किए जाने तथा देख लेने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
लगभग एक पखवारे पहले का यह पूरा प्रकरण अब ऑडियो टेप के रूप में शनिवार को तब वायरल हुआ जब दरोगा का तबादला जैतपुर थाने के लिए कर दिया गया।
वायरल हुए टेप में मंत्री दरोगा को गाली देते सुने जा सकते हैं तो दरोगा भी तुर्की-ब-तुर्की मंत्री को जवाब दे रहा है। प्रस्तुत है मंत्री व दरोगा के बीच मोबाइल फोन पर हुई वार्ता का प्रमुख अंश:
दरोगा संजय यती - हैलो, जयहिंद सर, आदेश करें सर।
मंत्री राममूर्ति वर्मा - तुम विद्यासागर को फोन पर क्या कह रहे थे?
दरोगा - कुछ नहीं सर, मैंने कुछ नहीं कहा सर। मैंने कहा कि आप वादी हैं। आ जाइए मौके पर, जो भी नजरी नक्शा बनना है बन जाए।
मंत्री - तुम जाओगे उनके पास कि वह जाएगा तुम्हारे पास।
दरोगा - आना तो उन्हें होगा सर। जहां घटनास्थल बता रहे हैं, वहां का निरीक्षण तो वही करवाएंगे।
दरोगा पर लगाया गाली देने का आरोप
मंत्री - वादी क्यों जाएगा मौके पर।
दरोगा - वादी को ही मौके पर आना पड़ता है सर।
मंत्री - तुमने फोन पर विद्यासागर को अपशब्द क्यों बोला।
दरोगा - क्या अपशब्द कह दिया मैंने। वह बताएं तो।
मंत्री - तुमने कहा न उससे कि एफआईआर दर्ज कराने की इतनी जल्दी थी साले। तुम्हारा इतना दिमाग खराब हो गया है। दो टके की नौकरी कर लिए हो तो गाली दोगे।
दरोगा - यह बात कतई नहीं हुई है। मैंने उनसे सिर्फ घटना का मौका मुआयना कराने को कहा है।
मंत्री - बताओ साले, कहां जाए वह।
दरोगा - सर, उन्होंने खुद शाम तक आने के लिए कहा है।
मंत्री - तुम क्यों नहीं जाकर बयान लिए।
दरोगा - वह लखनऊ में हैं। क्या मैं लखनऊ में जाकर उनका बयान लूं?
कहां लोगे तुम बयान, बोल...
मंत्री - कहां लोगे तुम बयान, बोल...।
दरोगा - उनका बयान तो हम ले लेंगे बाद में लेकिन पहले उन्हें घटनास्थल पर तो आना होगा।
मंत्री - तुम नहीं जा पा रहे हो घटनास्थल पर।
दरोगा - मैं तो चला ही जाऊंगा सर लेकिन वादी का रहना जरूरी होता है। वह अगर नहीं रहेंगे तो हम कैसे प्रूफ करेंगे।
मंत्री - क्या प्रूफ करना है तुम्हें बता। तुम पैसा ले लिए हो, तुम्हारा ज्यादा दिमाग खराब है। मै तुम्हें देखता हूं।
दरोगा - चलिए देख लीजिएगा सर।
मंत्री - चुप्प मा.... कहीं के।
दरोगा - गाली मत दो। दिमाग खराब है तुम्हारा, गाली दोगे।
मंत्री - अच्छा, अब तुमको बताता हूं मैं।
दरोगा - ठीक है बता दीजिएगा मुझे। का बताइगा मुझे। जिले से ट्रांसफर करा देना मेरा और का करोगे। मोबाइल पर गाली दोगे तुम।
इसके बाद मंत्री ने खुद ही फोन रख दिया।
यह है मामला:
इब्राहिमपुर थाने में एक मुकदमा विद्यासागर की तरफ से डॉ. लता के विरुद्घ धारा 312 आईपीसी के तहत कायम कराया गया था। मामले की विवेचना दरोगा संजय को मिली। दरोगा ने वादी मुकदमा विद्यासागर को उनके मोबाइल पर फोन कर कहा कि विवेचना के लिए उनके द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कराना जरूरी है। वादी ने बताया कि वह लखनऊ में हैं, शाम तक आएंगे। थाने के दीवान ने बताया कि वे फोन मिलाकर दुग्ध विकास मंत्री से बात कर लें। इस संबंध में मंत्री का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
वहीं, मामले पर दरोगा यती सिंह का कहना है कि मैंने उसी दिन एसपी व अन्य अफसरों को घटना से अवगत करा दिया था। मुझे बाद में लाइन हाजिर कर दिया गया। लेकिन अब मुझे जौनपुर भेजा गया है। मंत्री ने मेरे साथ गाली-गलौज की और धमकी भी दी। जबकि मैंने किसी असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया। सोमवार को मैं लिखित शिकायत के बारे में तय करूंगा।