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'चाचा मुझे कुछ कहें...वह चाचा-भतीजा की बात, पर फैसला वही जो सही'

Sun, 26 Jun 2016 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वह परिवार के बीच काम करते हैं। जिनमें कई लोग हैं। नेताजी भी हैं और चाचा भी हैं। चाचा कुछ कहें। हम उनसे कुछ कहें। यह चाचा-भतीजा की बात है। फैसला तो वही होगा जो सही होगा।
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यह बात मुख्यमंत्री की हैसियत से भी कह रहा हूं और सपा के प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से भी। मुख्यमंत्री शनिवार को यहां एक होटल में एक समाचार समूह के कार्यक्रम में सवालों का जवाब दे रहे थे।

मुख्तार अंसारी की पार्टी के विलय का फैसला चाचा का था या किसी और का? मथुरा के पीछे कौन चाचा थे? अखिलेश ने कहा कि यह चाचा-भतीचा के बीच की बात है। सवाल मुख्तार, मथुरा या कैराना का नहीं है बल्कि स्वामी प्रसाद मौर्य का है। वह कहां जाएंगे?
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वह अच्छे आदमी हैं, पर मेरी बुआ के गलत दल में थे। पता नहीं कैसे छोड़ा। अगर वह किसी गलत दल में चले गए तो सोचना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से उनकी तुलना ठीक है, पर उनकी इच्छा यही है कि नेताजी (मुलायम) ही प्रधानमंत्री बनें। वह मुख्यमंत्री ही ठीक हैं।

'बड़े अगर कुछ कहते हैं तो छोटे होने के नाते सुनना पड़ता है'

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह परिवार के बीच काम काम करते हैं। बड़े अगर कुछ कहते हैं तो छोटा होने के नाते सुनना उनका कर्तव्य है, पर फैसले लेने से उन्हें किसी नहीं रोका। हमें जो बातें अच्छी नहीं लगती, उन्हें कह देता हूं। इसका मतलब परिवार में मतभेद होना नहीं है।

सवाल हुआ कि राज्य की व्यवस्था संविधान से चलेगी या परिवार से? अखिलेश ने कहा कि राज्य की व्यवस्था संविधान से ही चल रही है, पर परिवार के बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ लेने में कोई बुराई नहीं है। जहां तक सपा के गुंडों से जुड़े होने के आरोप लगाए जा रहे हैं तो यह सच नहीं है। लोकसभा में लोहिया को भी तो गुंडा कहा गया था।

मोदी मंत्र से कोई डर नहीं
इस सवाल पर कि सपा 2014 के मोदी मंत्र से डरी हुई है, इसीलिए नेताजी, चाचा और मुख्यमंत्री के बीच द्वंद्व है? नेताजी और चाचा प्रयोग करके जीतना चाहते हैं और आप विकास के एजेंडे पर?

मुख्यमंत्री ने कहा, कोई द्वंद्व नहीं है। एजेंडा साफ है। सपा विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा जरूर तनाव फैलाकर चुनाव जीतना चाहती है, पर वह मकसद में कामयाब नहीं होगी। हमें मोदी मंत्र से कोई डर नहीं।

न्यायिक जांच से सामने आ जाएगी मथुरा की सच्चाई

- फोटो : amar ujala
इस सवाल पर कि मथुरा का मामला चाचा का खेल तो नहीं? मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके पीछे किसी का हाथ नहीं है।

पुलिस को जिस तैयारी से वहां जाना चाहिए था, वह नहीं गई। इसीलिए इतनी बड़ी घटना घट गई। न्यायिक जांच बैठाई गई है। सच्चाई सामने आ जाएगी। यह भी सामने आ जाएगा कि घटना के पीछे कौन-कौन लोग हैं।

कैराना के सवाल पर कहा कि यह न्यूज चैनलों का झगड़ा है। भाजपा का खेल है। न कैराना से पलायन हुआ और न कहीं और हो रहा है, पर भाजपा के लोग इसे मुद्दा बनाकर सांप्रदायिक तनाव खड़ा कर रहे हैं।

'हमारे पास ऐसे जवान जो जान दे देते हैं'

कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी - फोटो : amar ujala
इस सवाल पर कि हर जगह पुलिस पिट रही है। कैसे मान लिया जाए कि कानून-व्यवस्था ठीक है? मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसका दुख है। कोशिश होगी कि आगे ऐसी घटना न हो। कम से कम हमारे पास पुलिस के ऐसे जवान तो हैं जो कर्तव्यों का पालन करते हुए जान देने के लिए भी तैयार रहते हैं।

2 अक्तूबर से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे चालू
मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि उन्होंने विकास की परिभाषा बदली है। 2 अक्तूबर से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे चालू कर दिया जाएगा। देश में इतनी जल्दी मेट्रो कहीं नहीं बनी, जितनी जल्दी उत्तर प्रदेश में बन गई।

वाराणसी में भी मैं ही एक्सप्रेस वे बनाऊंगा। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में गंगा पर अभी तक कुछ काम नहीं हुआ लेकिन प्रदेश सरकार ने उनके क्षेत्र में वरुणा को साफ करके दिखा दिया।
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'यूपी ने 73 सांसद दिए, केंद्र ने 9000 करोड़ काट लिए'

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
अखिलेश ने कहा कि अमूल अगर उत्तर प्रदेश में आया है तो इसलिए नहीं कि गुजरात से प्रधानमंत्री यहां आ गए। इसलिए आया क्योंकि यूपी में उसे व्यवसाय बढ़ाने के अवसर मुहैया कराए गए। प्रदेश ने भाजपा को 73 सांसद दिए, लेकिन नीति आयोग ने यूपी के 9000 करोड़ रुपये काट लिए।

गृहमंत्री के क्षेत्र लखनऊ में कुकरैल से लोहिया पथ को जोड़ने के लिए बन रहे मार्ग को एनओसी नहीं मिल पा रही है, जिससे उसका काम रुका हुआ है। पिपराघाट रेलवे क्रॉसिंग पर पुल की अनुमति के लिए भेजे गए पत्र पर भी कुछ नहीं हुआ।

बुंदेलखंड में घास की रोटी मौसमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने बुंदेलखंड के लिए भी कुछ नहीं दिया। पानी के नाम पर खाली ट्रेन भिजवा दी। टैंकर नहीं दिए। उन्होंने कहा कि चैनल और मीडिया के लोग कई बार गलत दिखा देते हैं। एक माता को घास की रोटी खाते हुए दिखा दिया। जब मैंने उस माता से पूछा तो उसने कहा कि साग की रोटी खास मौसम में बनाई ही जाती है।

हमारे अधिकारी सरकार को जिता देते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकारी हमारे साथ क्रिकेट भी खेलते हैं, पर हर बार अधिकारी ही हार जाते हैं और हमें जिता देते हैं। मुझे फख्र है कि हमारे साथ ऐसे अधिकारी काम कर रहे हैं जो इतने योग्य हैं कि सरकार को जिता सकते हैं।
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