मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य पूजन कर गर्भगृह की पहली शिला रखेंगे। इस दिन से भगवान का घर आकार लेने लगेगा। राममंदिर ट्रस्ट इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुट गया है। इस अवसर का साक्षी बनने के लिए ट्रस्ट द्वारा संत-धर्माचार्यों सहित मंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।
विहिप व संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं दूसरी तरफ रामजन्मभूमि परिसर में गर्भगृह में लगने वाले पत्थरों की कोडिंग आदि में इंजीनियर जुट गए हैं। उन्हें अलग किया जा रहा है, ताकि गर्भगृह के पत्थरों की सेटिंग में कोई समस्या न आने पाए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र का कहना है कि गर्भगृह निर्माण का अनुष्ठान ऐतिहासिक व अविस्मरणीय होगा। तमाम हस्तियों को इस गौरवशाली क्षण का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। सुबह नौ बजे से गर्भगृह निर्माण के लिए अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। इसी दिन से रामलला का गर्भगृह आकार लेने लगेगा, 2023 तक गर्भगृह निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।